रायपुर,18 अप्रैल (आरएनएस)। रायगढ़ स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस हादसे में अब तक 23 मजदूरों की मौत हो चुकी है।
रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक श्रमिक ने दम तोड़ दिया, वहीं रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भी एक अन्य घायल मजदूर की मौत हो गई। मृतकों में पश्चिम बंगाल निवासी सुब्रोतो जेना शामिल हैं, जो 80-90 प्रतिशत तक झुलस गए थे। इससे पहले मध्यप्रदेश निवासी मजदूर किस्मत अली की भी इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी।
36 मजदूर झुलसे, 14 की हालत नाजुक
इस हादसे में कुल 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से 14 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। कई की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
प्रबंधन पर एफआईआर, लापरवाही आई सामने
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित प्रबंधन और 10 अन्य लोगों के खिलाफ डभरा थाने में एफआईआर दर्ज की है।
प्रारंभिक जांच में औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने पाया है कि प्लांट में गंभीर लापरवाही बरती गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन बढ़ाने के दबाव में बॉयलर पर अत्यधिक लोड डाला गया, जिससे यह विस्फोट हुआ। साथ ही मशीनों के नियमित मेंटेनेंस और सुरक्षा जांच में भी भारी अनदेखी की गई।जांच तेज, कड़ी कार्रवाई के संकेत
घटना के 24 घंटे बाद सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस बड़े हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों और श्रमिक संगठनों ने जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है
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