नईदिल्ली ,18 अपै्रल (आरएनएस)। भारत सरकार ने स्मार्टफोन पर आधार ऐप को अनिवार्य बनाने की अपनी योजना को रद्द कर दिया है। ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियों के विरोध के बाद सरकार ने कदम पीछे हटा लिया है। उन्होंने गोपनीयता, सुरक्षा और परिचालन संबंधी चुनौतियों को लेकर चिंता जताई थी। इस साल की शुरुआत में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से स्मार्टफोन निर्माताओं से नए फोन में ऐप को पहले से इंस्टॉल करने पर चर्चा करने का आग्रह किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, यूआईडीएआई) के कहा है कि आईटी मंत्रालय ने प्रस्ताव की समीक्षा की और स्मार्टफोन निर्माताओं को आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करने के लिए बाध्य करने के पक्ष में नहीं है। सरकार ने पिछले 2 सालों में स्मार्टफोन निर्माताओं को सरकारी ऐप्स को अनिवार्य करने के लिए कम से कम 6 बार प्रयास किए। उन्होंने हर बार, यूजर की पसंद और प्लेटफॉर्म की निष्पक्षता पर चिंता जताते हुए इन प्रस्तावों का विरोध किया।
स्मार्टफोन निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सूचना प्रौद्योगिकी निर्माता संघ ने तर्क दिया कि इससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसमें गोपनीयता और डाटा सुरक्षा जोखिम, अनुपालन का बोझ, भारत-विशिष्ट डिवाइसेज के लिए अलग उत्पादन लाइन की आवश्यकता जैसी परेशानियां शामिल हैं। दूसरी तरफ सरकार का इस प्रस्ताव के पीछे तर्क है कि ऐप पहले से इंस्टॉल होने पर इसका तुरंत उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करना, पारिवारिक प्रोफाइल प्रबंधित करना और बायोमेट्रिक डेटा लॉक करना है।
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