लखनऊ ,18 अपै्रल (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा इंटर एजेंसी ग्रुप उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में “आपदा जोखिम न्यूनीकरण में गैर सरकारी संगठनों और नागरिक समाज संगठनों की भूमिका” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता प्राधिकरण के उपाध्यक्ष योगेन्द्र डिमरी ने की।कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष योगेन्द्र डिमरी ने कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार अत्यधिक वृद्धि देखी जा रही है। बढ़ते तापमान का प्रभाव केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पशुओं, फसलों और प्रदेश की उत्पादन क्षमता पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि आगामी लू-प्रकोप के प्रभावी प्रबंधन के लिए सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों को मिलकर समन्वित रूप से कार्य करना होगा।उन्होंने यह भी कहा कि लू-प्रबंधन से संबंधित विभिन्न उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार जन-जन तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और नागरिक समाज संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाने में प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न गैर सरकारी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इनमें अपराजिता सामाजिक समिति बहराइच, पूर्वांचल सेवा संस्थान, नव भारतीय नारी विकास समिति बलिया, आजाद शिक्षा केंद्र जौनपुर, सूर्या फाउंडेशन, गौतम बुद्ध जागृति संस्थान, पंचशील डेवलपमेंट ट्रस्ट, समाज कल्याण एवं बाल विकास परिषद, शकुंतला देवी पुनर्वास विश्वविद्यालय, ए आर फाउंडेशन, प्रज्ञा इंटरट्रस्ट, यू.पी. भारतीय नागरिक सुरक्षा समिति, अमर शहीद चेतन संस्थान तथा भारत स्काउट एंड गाइड सहित अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।प्रतिभागियों द्वारा पूर्व में आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों के क्षेत्र में किए गए कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया तथा वर्ष 2026 में संभावित लू-प्रकोप से निपटने के लिए प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस दौरान समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने, समय पर सूचना उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।कार्यशाला के दौरान यह निष्कर्ष निकाला गया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ गैर सरकारी संगठनों और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सभी प्रतिभागियों ने लू-प्रबंधन और आपदा तैयारी को मजबूत बनाने के लिए आपसी सहयोग एवं समन्वय बढ़ाने का संकल्प लिया।
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