लखनऊ ,18 अपै्रल (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) के 17 विषयों की लिखित पुनर्परीक्षा शनिवार को प्रदेश के छह जनपदों—आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर तथा वाराणसी के 53 परीक्षा केन्द्रों पर सकुशल सम्पन्न कराई गई। परीक्षा प्रथम पाली में पूर्वाह्न 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली में अपराह्न 02:30 बजे से 04:30 बजे तक आयोजित की गई।परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग में स्थापित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार, सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं उपसचिव की उपस्थिति में सभी परीक्षा केन्द्रों की सघन निगरानी की गई। परीक्षा केन्द्रों पर लगाए गए कैमरों के माध्यम से परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई, जिससे परीक्षा नकलविहीन एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हो सके।प्रथम पाली के दौरान राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज में परीक्षा प्रारम्भ होने से पूर्व प्राचार्य कक्ष में एसी की वायरिंग में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। जिला प्रशासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं आयोग के प्रेक्षक की उपस्थिति में परीक्षा कक्ष को दूसरे विंग में परिवर्तित कर परीक्षा को बिना किसी व्यवधान के सकुशल सम्पन्न कराया गया।प्रदेश के सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा नकलविहीन, शुचितापूर्ण, समयबद्ध एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न हुई। इस दौरान संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे परीक्षा व्यवस्था सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इस पुनर्परीक्षा में कुल 19,718 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। इनमें महिला परीक्षार्थियों की भागीदारी 41.35 प्रतिशत तथा पुरुष परीक्षार्थियों की भागीदारी 58.65 प्रतिशत दर्ज की गई। परीक्षा के सफल संचालन को आयोग की सुदृढ़ व्यवस्था और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
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