अयोध्या,18 अपै्रल (आरएनएस)। कोतवाली अयोध्या क्षेत्र में रामभजन निषाद अपने अर्धनिर्मित मकान में गेट लगवाने हेतु पिलर खड़ा करने के विवाद को लेकर राम प्रसाद निषाद व उनके परिवार जनों पर जान से मारने की नियत से बेलचक, टेंगारी, फावड़ा से प्राणघातक हमला करने के मामले में जेल में निरूद्ध मुख्य आरोपित राजितराम यादव की जमानत अर्जी जिला न्यायालय से मंजूर हो गयी है। यह आदेश जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने सुनवाई के दौरान मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए दिया है। यह मामला अयोध्या कोतवाली अन्तर्गत हलकारा का पुरवा का है। आरोपित पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता अनरूद्ध यादव दिलीप कुमार यादव ने जोरदार पैरवी किया। जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस के दौरान तर्क दिया कि आरोपित निर्दोष है प्रस्तुत मामले में उसे झूंठा फंसाया गया है। कथित घटना में वादी पक्ष द्वारा अभियुक्त पक्ष को चोटें पहुंचाई गयी हैं जिसके सम्बंध में अभियुक्त पक्ष की तरफ से केस पंजीकरण कराने के लिए पुलिस अधिकारियों एवं न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया है। आरोपित 9 अप्रैल 2026 से जेल में निरूद्ध है। अभियोजन पक्ष की मुताबिक 3 अप्रैल 2026 को दिन के 11 बजे राम प्रसाद निषाद के भाई रामभजन अपने अर्धनिर्मित मकान में गेट लगवाने के लिए पिलर खड़ा कर रहे थे तभी विपक्षीगण आये और जान से मारने की नियत से सुनील कुमार निषाद के सिर पर टेंगारी से व परिवार के लोगों पर बेलचक, फावड़ा व लाठी डंडा से जानलेवा हमला कर दिया जिससे उन लोगों को गम्भीर चोटें आयीं। चोटहिल की तहरीर पर यह मुकदमा कोतवाली अयोध्या में अपराध संख्या 235/2026 के तहत गम्भीर अपराधों में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया।
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