*उग्र हुए अधिवक्ता कामकाज छोड़कर विरोध में उतरे, कचहरी परिसर में रहा गहमागहमी का माहौल
*सीओ सीटी एवं एसडीएम सदर के निलंबन पर अड़े अधिवक्ता
मीरजापुर ,18 अपै्रल (आरएनएस)। यूपी के मीरजापुर में सपा नेता एवं अधिवक्ता सतीश मिश्रा संग एसडीएम सदर द्वारा किए गए दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ लिया है। अधिवक्ता एवं सपा नेता सतीश मिश्रा के समर्थन में बार एसोसिएशन ने शनिवार को आपात बैठक बुलाई। बैठक में अधिवक्ताओं ने सीओ सिटी विवेक जावला और एसडीएम सदर गुलाब चंद के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग उठाई। सपा नेता के समर्थन में भारी संख्या में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे अधिवक्ताओं ने जबरदस्त तरीके से विरोध दर्ज कराया है। नाराज अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की है। अधिवक्ता
सीओ सिटी विवेक जावला और एसडीएम सदर गुलाब चंद के निलंबन की मांग कर रहे
कहा यह दोनों अधिकारी नौकरशाह नहीं तानाशाही पर उतर आएं हैं। सरकार के गुंडे बन काम कर रहे हैं जो लोकतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कत्तई उचित नहीं कहा जा सकता है। बताते चलें कि जिले के अहरौरा एवं अष्टभुजा विंध्याचल स्थित टोल प्लाजा को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष डाक्टर शिवकुमार पटेल के नेतृत्व में पिछले दस दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए थे, जिन्हें दो दिन पहले गुरुवार की रात अनशन कर रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा जबरियां हटाने की सूचना पर कांग्रेसियों के समर्थन में पहुंचे सपा नेता अधिवक्ता सतीश मिश्रा से सीओ सिटी और एसडीएम सदर द्वारा दुर्व्यवहार किया गया था। सपा नेता को सीओ और एसडीएम ने अपशब्द बोलते हुए जबरन गाड़ी में बैठाया जिसका वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया।
एसडीएम सदर का न्यायालय हुआ अधिवक्ताओं के आक्रोश का शिकार*
अधिवक्ता से दुर्व्यवहार पर एसडीएम सदर न्यायालय को अधिवक्ताओं ने शनिवार को अपने आक्रोश का शिकार बनाया। इस दौरान अधिवक्ता सतीश मिश्रा के साथ एसडीएम सदर, सीओ सिटी के व्यवहार से बिफरे अधिवक्ताओं ने कहा जब तक दोनों को निलंबित नहीं किया जाता है तब तक वह शांत बैठने वाले नहीं हैं। इस दौरान अधिवक्ताओं ने एसडीएम सदर गुलाबचंद एवं सीओ सिटी विवेक जावला मुर्दाबाद के नारे लगाए। विरोध में अधिवक्ताओं की बैठक के बाद कचहरी के चक्रमण पर निकले थे अधिवक्ता, अधिवक्ताओं के नारों से कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा था। एसडीएम सदर के न्यायालय में पहुंचकर अधिवक्ताओं ने तोड़ी कुर्सियां, फेंकी फाइल, जिससे वहां अफरा तफरी मच गई। लैपटॉप, कंप्यूटर को भी बनाया आक्रोश का शिकार, कहां नहीं चलने देंगे प्रशासन की तानाशाही। जानकारी होने पर मौके पर पहुंची भारी संख्या में पुलिस फोर्स, आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स सहित जिले के आलाधिकारी, मामला तनाव पूर्ण देख तथा अधिवक्ताओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जिले की खुफिया एजेंसियां भी सतर्क नजर रखते हुए अलर्ट मूड़ में रहीं हैं। कुल मिलाकर कचहरी परिसर का मामला पूरी तरह से बदला बदला सा रहा है। इसके चलते दूरदराज़ से आने वाले वादकारियों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है तो कुछ लोगों को बिना कार्य के ही बुझे मन से वापस लौटना पड़ा है।
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