लखनऊ ,18 अपै्रल (आरएनएस)। डिम्पल यादव ने कहा है कि भाजपा का एक ही काम भ्रम फैलाना है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि वर्ष 2023 में महिला वंदन अधिनियम पारित हो चुका था, जिसका सभी दलों ने समर्थन किया था, लेकिन अब जो संशोधित महिला आरक्षण बिल लाया गया है, उसके पीछे महिलाओं को वास्तविक आरक्षण देने की मंशा नहीं दिखाई देती।डिम्पल यादव ने कहा कि संविधान में स्पष्ट प्रक्रिया है कि पहले जनगणना कराई जाती है और उसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया होती है। जब जनगणना के आंकड़े उपलब्ध ही नहीं हैं, तो सीटों की संख्या किस आधार पर बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की मांग है कि पहले सही तरीके से जनगणना कराई जाए, ताकि उसके आधार पर निष्पक्ष परिसीमन किया जा सके।उन्होंने कहा कि आगामी समय में पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश में भी अगले वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में इस प्रकार की जल्दबाजी सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जब परिसीमन की प्रक्रिया जनगणना के बाद ही होती है, तो उससे पहले निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।डिम्पल यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के समय पैसे बांटने और जुमलेबाजी करने की राजनीति करती है, लेकिन अब जनता समझ चुकी है कि भाजपा केवल भटकाने वाले मुद्दे उठाती है। उन्होंने कहा कि कोई भी साजिश अब सफल होने वाली नहीं है क्योंकि जनता भाजपा की नीतियों को समझ चुकी है।डिम्पल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि पंक्ति में सबसे अंतिम महिला तक उसके अधिकार पहुंचे और आरक्षण का लाभ कुछ लोगों तक सीमित न रह जाए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को भी समान अधिकार मिलने चाहिए, लेकिन भाजपा को उनसे चिढ़ है। उनका आरोप है कि भाजपा ओबीसी वर्ग को भी पूरा आरक्षण देने के पक्ष में नहीं है और आने वाले चुनाव में उसे जनता के बीच इसका जवाब देना होगा।
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