भरत चरित्र की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोता
लम्भुआ/सुल्तानपुर,18 अपै्रल (आरएनएस)। स्थानीय क्षेत्र के चौकिया गाँव में नव दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के अष्टम दिवस राम केवट संवाद, भरत चरित्र कथा के साथ राम वन गमन की कथा का मार्मिक वर्णन पंडित राकेश जी महराज द्वारा किया गया।
आठवे दिन की रामकथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज की ने माँ कैकेई द्वारा राजा दशरथ से तीन वर के रूप में राम को 14 वर्ष के वनवास की मांग और पिता के आदेश पर राम का माँ जानकी और लक्मण के साथ वन गमन का वर्णन किया। भगवान राम और निषाद राज केवट के संवाद Ó मांगी नाव न केवट आना, कहहि तोहार मरम मै जानाÓ… का भावपूर्ण विस्तार पूर्ण कथा को सुनाया। कथा के मध्य पंडित राकेश जी द्वारा भरत चरित्र की कथा सुन पंडाल में मौजूद सैकड़ो रामकथा प्रेमी भाव विभोर हो उठे।
मुख्य यजमान राम जन पाण्डेय और विमला देवी द्वारा आरती की गई। राम कथा में मुख्य रूप से एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह लम्भुआ विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह, संजीव पाण्डेय, किसान नेता गिरीश पाण्डेय, माताप्रसाद सिंह सत्य नारायण दुबे बालमुकुंद विश्वकर्मा लाल साहब बृज मोहन सिंह कमलाकांत पाण्डेय, राम चंद्र सिंह, माता प्रसाद सिंह, राम कृष्ण पाण्डेय, प्रभव पाण्डेय, अनय पाण्डेय अवनीश सिंह समेत बड़ी सख्या में कथा प्रेमी मौजूद थे।
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