रामानुजगंज, 19 अप्रैल (आरएनएस)। रामानुजगंज क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा भाला गिरवानी नहर परियोजना के अंतर्गत लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से कंक्रीट नहर का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना से भाला और विजयनगर के सैकड़ों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अब स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर का एक बड़ा हिस्सा निर्माण के दौरान ही क्षतिग्रस्त हो चुका है, जो गुणवत्ता में कमी की ओर संकेत करता है।
स्थानीय किसानों—सरवन सोनी, इफ्तेखार खान, विनीत गुप्ता और रामकुमार धुर्वे—ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से अधिकारियों को घटिया निर्माण की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि अधिकारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं।
किसानों के अनुसार, कंक्रीट नहर निर्माण में पानी का उचित उपयोग (पटाई) नहीं किया जा रहा है, जिससे संरचना कमजोर हो रही है। साथ ही, इस्तेमाल हो रहा निर्माण सामग्री भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग के इंजीनियर मौके पर नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते और ठेकेदार के तकनीकी कर्मचारी भी साइट पर नहीं दिखते। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों और किसानों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजना का लाभ सही तरीके से किसानों तक पहुंच सके।
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