मुंगेली 19 अप्रैल (आरएनएस) नशे के कारोबार और उसके दलदल में धंसते युवाओं पर पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि एक ही झटके में 18 लोग जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन बाज” के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना, बीट सिस्टम की निगरानी और ताबड़तोड़ दबिश के जरिए उन लोगों को चिन्हित किया जो गांजा, ब्राउन शुगर, अफीम जैसे नशे के सेवन और कारोबार से इलाके में अशांति फैला रहे थे, 19 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए केसवपुर तिलक वार्ड, रामगोपाल तिवारी वार्ड, विनोबा नगर, पुलपारा, खर्रीपारा और अन्य क्षेत्रों से अनिल खरसायन, सुनील शिवारे, श्यामू कोसले, अमोन मसीह, रामू कोसले, करण लहरे, शिव यादव, पवन सोनकर, जय साहू, सतीश ठाकुर, गुलशन सिंह ठाकुर, दिवी पाठक, सूर्याश सिंह ठाकुर, अवि उर्फ लक्की पाठक, गिरीश ठाकुर, विजय सारथी, सूरज देवांगन और संजय पाण्डेय सहित कुल 18 अनावेदकों को हिरासत में लिया, पुलिस ने इनके खिलाफ धारा 170, 126(बी), 135(3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए इश्तगाशा तैयार किया और सभी को न्यायालय में पेश कर जेल वारंट पर भेज दिया, पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह के मार्गदर्शन में निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े व उनकी टीम ने अंजाम दी, पुलिस का कहना है कि ये लोग नशे के सेवन और अवैध गतिविधियों से आमजन को परेशान कर रहे थे और युवा पीढ़ी को गलत रास्ते पर धकेल रहे थे, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी था, एसएसपी भोजराम पटेल ने साफ संदेश दिया है कि नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज को खोखला करता है और इससे अपराध की जड़ मजबूत होती है, उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को सुरक्षित बनाने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की, वहीं पुलिस ने आम नागरिकों से भी कहा है कि किसी भी तरह की नशे या असामाजिक गतिविधि की सूचना तुरंत दें, पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, साफ है कि मुंगेली में अब नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं बची—कानून का शिकंजा कस चुका है और अगली बारी किसी की भी हो सकती है।
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