जौनपुर 21 अप्रैल (आरएनएस)। परियावा गांव में ग्राम निधि से बन रही इंटरलॉकिंग सड़क का काम रोके जाने के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों महिला-पुरुषों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने न्याय दो के नारे लगाए और सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को ज्ञापन सौंपा। ग्राम प्रधान ने बताया कि यह रास्ता लगभग 100 साल पुराना है। वर्ष 2010 से 2015 के बीच पूर्व प्रधान प्रभावती देवी के कार्यकाल में यहां 600 मीटर खड़ंजा का निर्माण हुआ था। वर्तमान में यह खड़ंजा पूरी तरह जर्जर हो चुका है और इसे पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। वर्तमान ग्राम प्रधान ने ग्राम निधि से इंटरलॉकिंग सड़क बनाने का कार्य शुरू किया था। हालांकि, कुछ विपक्षीगणों और आसपास के काश्तकारों ने काम करने से रोक दिया। मौके पर खड़ंजे की चैड़ाई 9 फीट बताई गई है। सूचना मिलने पर 112 नंबर की पुलिस टीम भी पहुंची, लेकिन कार्य को आगे नहीं बढऩे दिया गया। मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। टीम ने पूर्व में बने खड़ंजे की चैड़ाई का आकलन किया और निर्माण कार्य जारी रखने का निर्देश दिया। इसके बावजूद, विपक्षीगणों ने कथित तौर पर मारपीट पर उतारू होकर काम को फिर से रुकवा दिया।ग्राम प्रधान और प्रभावित दलित परिवारों का कहना है कि यह उनके आवागमन का एकमात्र रास्ता है, जिसे जबरन रोका जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि 150 दलित परिवारों के आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए विपक्षीगणों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो सके।
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