रायपुर 3 जुलाई 2026 (आरएनएस) प्रतिभा को अक्सर संसाधनों की कमी रोक देती है, लेकिन धमतरी जिला प्रशासन ने अब इस चुनौती का समाधान खोज लिया है। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब महंगी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (बीसीएस कॉलेज) में ‘पहल’ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसी अवसर पर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए ‘युवा’ नामक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किया। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक अभाव के कारण गुणवत्तापूर्ण कोचिंग नहीं ले पाते। उन्होंने कहा कि मजबूत बुनियाद के बिना बड़ी सफलता संभव नहीं है, इसलिए इस योजना के माध्यम से विद्यार्थियों का बेसिक फाउंडेशन मजबूत किया जाएगा, ताकि वे हर प्रतियोगी परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ सफलता हासिल कर सकें। उन्होंने बदलते प्रतिस्पर्धी दौर में नियमित अध्ययन, अनुशासन और सही मार्गदर्शन को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताते हुए युवाओं से पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ तैयारी करने का आह्वान किया।
प्रशासन की यह पहल केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होगी। योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। समय-समय पर टेस्ट लेकर उनकी तैयारी का मूल्यांकन किया जाएगा और प्रदर्शन की नियमित समीक्षा कर कमजोर पक्षों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि प्रत्येक छात्र व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख तैयारी कर सके।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीसीएस कॉलेज के प्राचार्य, उप संचालक पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, सहायक संचालक कौशल विकास, युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले मार्गदर्शक, महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को जिले के युवाओं के भविष्य के लिए एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम बताया।
धमतरी जिला प्रशासन की ‘पहल’ केवल एक निःशुल्क कोचिंग योजना नहीं, बल्कि उन युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का अभियान है, जो प्रतिभा होने के बावजूद आर्थिक अभाव से जूझ रहे थे। यह पहल आने वाले वर्षों में धमतरी के सैकड़ों युवाओं के लिए सफलता का मजबूत आधार बन सकती है और जिले में शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का नया मॉडल भी स्थापित कर सकती है।

