लखनऊ 21 अप्रैल (आरएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का चेहरा अलोकतांत्रिक है तथा इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, जिस पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के दलों द्वारा इस विधेयक का समर्थन नहीं किया गया।मुख्यमंत्री आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल पारित न होने के संबंध में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पदयात्राÓ के दौरान अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन को बाधित करने और सदन में प्रस्ताव को गिराने के विरोध में देशभर में आक्रोश रैलियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके और आईएनडीआई गठबंधन के सहयोगियों के विरोध में मातृ शक्ति द्वारा प्रदर्शन किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि जन आक्रोश महिला पदयात्रा में आधी आबादी की बड़ी संख्या में भागीदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के प्रति उनके सहज समर्थन और आशीर्वाद का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक आधी आबादी की जायज मांग का समर्थन करने के लिए तैयार है और महिलाओं के सम्मान व अधिकारों के लिए खड़ा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी देश में अनेक विकास और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ा रही है। इसी प्रकार प्रदेशों में डबल इंजन सरकारें भी विकास कार्यों को गति दे रही हैं, जबकि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के दल हर योजना का विरोध करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इन दलों को अपनी महिला विरोधी छवि समाप्त करने का अवसर दिया, लेकिन उन्होंने इसका दुरुपयोग किया। आज देशभर में आधी आबादी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के महिला विरोधी आचरण के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 11 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। प्रधानमंत्री का मानना है कि देश में केवल चार प्रमुख वर्ग हैं—महिलाएं, गरीब, युवा और किसान। इन चारों वर्गों को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई गईं, जिससे देश आर्थिक उन्नति के नए सोपानों की ओर अग्रसर हुआ है। उन्होंने कहा कि नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, भारत की विरासत के संरक्षण और समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान की योजनाओं का केंद्र बिंदु आधी आबादी अर्थात नारी शक्ति रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हर घर शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, घरौनी वितरण कार्यक्रम तथा पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से स्ट्रीट वेंडरों को स्वावलंबी बनाने जैसे प्रयास परिवारों के सशक्तिकरण का आधार बने हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं, गरीबों, युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि नारी गरिमा की रक्षा का अभियान भी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए नि:शुल्क गैस सिलेंडर ईंधन आपूर्ति का माध्यम होने के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा का आधार भी बने हैं। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम बनी है।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश में महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, उसी प्रकार प्रदेश में भी डबल इंजन सरकार इन कार्यक्रमों को लगातार आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान सहित अन्य योजनाएं प्रदेश की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।इस अवसर पर आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल तथा राज्य सभा सदस्य अरुण सिंह ने भी संबोधित किया और महिलाओं के अधिकारों तथा सम्मान के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
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