लखनऊ 21 अप्रैल (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत भोटिया, जौनसारी, राजी, गोंड तथा इसकी पर्याय धुरिया, ओझा, नायक, पठारी, राजगोंड सहित अन्य कई अनुसूचित जनजातियों को उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण की पात्रता की प्राथमिकता श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि गोंड एवं उससे संबंधित पर्याय जातियां—धुरिया, ओझा, नायक, पठारी तथा राजगोंड—उत्तर प्रदेश के महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, कुशीनगर, भदोही तथा संतकबीरनगर जनपदों में निवासरत हैं। इसी प्रकार खरवार एवं खैरवार जातियां देवरिया, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी एवं सोनभद्र जनपदों में, पराहिया जाति सोनभद्र जनपद में, पंखा एवं पनिका जातियां सोनभद्र एवं मिर्जापुर जनपदों में, अगरिया तथा पटारी जातियां सोनभद्र जनपद में तथा भुइंया एवं भुनिया जातियां भी सोनभद्र जनपद में निवास करती हैं।केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि उनके द्वारा विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान यह मामला संज्ञान में आया कि मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण की पात्रता सूची में उपरोक्त जातियां शामिल नहीं थीं। भ्रमण के दौरान इन जातियों के कई पात्र लोगों द्वारा आवास आवंटन की मांग की गई थी।उन्होंने बताया कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए इसे संज्ञान में लिया गया तथा विस्तृत विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि इन जातियों को भी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराते हुए मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण की प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया जाए, ताकि सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर इन वर्गों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा सके।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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