कुशीनगर, 22 अप्रैल (आरएनएस)। जनपद में बढ़ते तापमान एवं संभावित लू, हीट वेव के दृष्टिगत कृषि विभाग ने कृषक बंधुओं को फसलों की सुरक्षा तथा भूमि में नमी संरक्षण हेतु आवश्यक सुझाव जारी किया है।
कृषि विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में किसानों से अपील किया गया है कि फसल कटाई के उपरांत खेतों में अवशेषों को न जलाएं। इसके स्थान पर नमी संरक्षण हेतु मल्चिंग अपनाएं तथा जैव उत्पादों एवं फसल अवशेषों का उपयोग मल्च के रूप में करें। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और जल संरक्षण में भी सहायता मिलती है। सिंचाई जल के समुचित उपयोग के लिए स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है। खेतों में नियमित अंतराल पर सायंकाल हल्की सिंचाई करें, जिससे नमी बनी रहे और पानी की बर्बादी न हो। साथ ही कर्षण क्रियाओं के माध्यम से तैयार मल्च भूमि से नमी के वाष्पीकरण को कम करता है। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील किया है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें तथा संस्तुत मात्रा का ही उपयोग करें। रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद को प्राथमिकता दें ताकि अधिक तापमान में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। फसलों की बुवाई पंक्तियों में करें तथा सिंचाई जल के समान वितरण हेतु खेतों को समतल रखें। धान की नर्सरी में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए सायंकाल सिंचाई करें। यदि कहीं पानी का जमाव हो जाए तो उसकी तुरंत निकासी सुनिश्चित करें, ताकि फसल को किसी प्रकार का नुकसान न हो सके।
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