सोहावल-अयोध्या 22 अप्रैल (आरएनएस)। तहसील सोहावल के अधिवक्ता मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसके पीछे बार और बेंच के बीच तालमेल बिगडऩा बताया जा रहा है। इस हड़ताल के कारण प्रतिदिन सैंकड़ो वादकारी इस तपती धूप में तहसील आते हैं और निराश होकर वापस जाने को विवश हैं । भ्रष्टाचार और निजी कर्मियों की नियुक्ति को लेकर आपत्ति जता रहे अधिवक्ता संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। संघ के मंत्री बैजनाथ पाण्डेय ने बताया कि प्राइवेट कर्मियों की मनमानी के चलते कार्य बाधित हो रहा था। न्यायिक फसलों पर भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है। जिसको लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है। सोमवार को परशुराम जयंती पर अधिवक्ता संघ ने कार्य से बिरत रहने का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव के बावजूद उप जिलाधिकारी न्यायालय से पुकार हुई अदालत चलाई गई तब अधिवक्ताओं को नागवार गुजरा। बार और बेंच के बीच तालमेल इस तरह बिगड़ा कि मंगलवार से अधिवक्ता संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है । संघ की ओर से उठाया गया मुद्दा न्यायिक पटलों पर व्याप्त भ्रष्टाचार और निजी कर्मचारियों को लेकर काम कराया जाना सामने आया। बुधवार को तहसील के न्यायिक पटलो में सन्नाटा छाया रहा ज्यादातर कार्य करने वाले निजी कर्मी पटलों से दूर रहे। अपने मुकदमे की सुनवाई के लिए आए अनेक वादकारी न्यायिक व्यवस्था को कोसते बैरंग वापस लौटते रहे। तहसीलदार सोहावल प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि एक दिन के हड़ताल की सूचना थी। अधिवक्ताओं की मांग पर निजी कर्मचारियों को हटा दिया गया है। कर्मचारियों के अभाव में न्यायिक कार्य प्रभावित होना स्वाभाविक है। संघ यदि अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेगा तो वादकारियों का ही हित प्रभावित होगा।
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