अयोध्या 22 अप्रैल (आरएनएस)। नोएडा में मजदूर आन्दोलन पर बर्बर दमन और आन्दोलन को बदनाम करने की सरकार की साजि़श के खिलाफ बुधवार को वामदलों ने राज्यव्यापी आह्वान पर विरोध दिवस मनाया और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सदर को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से नोएडा में गिरफ्तार सभी मजदूरों, ट्रेड यूनियन नेताओं और मजदूर आन्दोलन के बहाने गिरफ्तार बुद्धिजीवियों को तत्काल रिहा करने की मांग की गई। सरकार से दमन चक्र रोकने, नेताओं के घरों पर छापेमारी, नजरबंदी पर रोक लगाने और मजदूरों की सभी मांगे मान लेने की पुरजोर अपील की। ज्ञापन में कहा गया कि विगत दिनों नोएडा में वेतन बढ़ाने, आठ घण्टे के काम और कार्य दशाओं में सुधार की मांग को लेकर आंदोलित मजदूरों के साथ पुलिस ने घोर अलोकतांत्रिक व्यवहार किया और उनकी जायज मांगों पर विचार करने के बजाय सरकार ने आंदोलन का दमन और बदनाम करने का प्रयास किया। ज्ञापन में प्रदेश के प्रत्येक जिले में जनसंगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं को बेवजह गिरफ्तार करना, हाउस अरेस्ट करना, शांति भंग का मुकदमा करना, फर्जी धाराओं में जेल भेजना पुलिस के लिए आम बात हो गई है, इसे सख्ती से रोके जाने की भी मांग की गई है। विरोध प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी, माकपा जिला सचिव अशोक यादव, भाकपा (माले) जिला प्रभारी अतीक अहमद, फारवर्ड ब्लाक जिला संयोजक हरीशचंद्र श्रीवास्तव, वरिष्ठ भाकपा नेता सूर्यकांत पाण्डेय, किसान नेता मया राम वर्मा, एटक नेता शैलेन्द्र प्रताप सिंह उदयचंद यादव, ओमप्रकाश यादव, यासीन बेग, राजेश वर्मा, पप्पू सोनकर, दिलीप कुमार गुप्ता, राजेश कुमार, रीता देवी, मीना देवी आदि शामिल रहे।
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