अयोध्या 22 अप्रैल (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग तथा डॉ. लोहिया इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 20 से 25 अप्रैल 2026 तक डेस्कटॉप पब्लिशिंग विषय पर एक व्यावसायिक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला विशेष रूप से कंप्यूटर एप्लिकेशन के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट निदेशक डॉ. गीतिका श्रीवास्तव रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के डिजिटल युग में डीटीपी कौशल विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए द्वार खोलता है। उन्होंने छात्रों को नवीन तकनीकों को सीखकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के दूसरे सत्र में विशेषज्ञ व्याख्यान देते हुए के. एस. साकेत पी. जी. कॉलेज, अयोध्या के सहायक आचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने डीटीपी के व्यावहारिक पहलुओं, डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर तथा इंडस्ट्री की मांगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में फ्रीलांसिंग और डिजिटल मीडिया के माध्यम से करियर की अपार संभावनाएं हैं। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और यह उन्हें रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ती हैं। निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने कहा कि इन्क्यूबेशन फाउंडेशन का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग तिवारी ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों को डीटीपी के विभिन्न सॉफ्टवेयर एवं तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। कार्यक्रम में बीसीए के छात्र-छात्राओं के साथ विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजीत पांडेय, डॉ. श्याम श्रीवास्तव, डॉ. पावनी रस्तोगी, डॉ. पवन कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. श्रीश अस्थाना ,डॉ हर्ष गुप्ता , डॉ राकेश कुमार मिश्रा, डा रामजी सिंह उपस्थित रहे।
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