रायगढ़ 23 अप्रैल (आरएनएस) घरघोड़ा क्षेत्र का ग्राम घरघोड़ी अब उस बदलाव की कहानी लिख रहा है जहां पुलिस की सख्ती और ग्रामीणों की जागरूकता ने मिलकर नशे के खिलाफ एक मजबूत दीवार खड़ी कर दी है और पूरा गांव धीरे-धीरे नशा मुक्ति की ओर बढ़ चुका है, 23 अप्रैल को इस पहल का असर खुलकर सामने आया जब थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों ने एक स्वर में शराबबंदी का संकल्प दोहराया, दरअसल पिछले महीने घरघोड़ा पुलिस ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गांव में चल रही भट्ठियों को तोड़कर भारी मात्रा में शराब जब्त की थी, इसके बाद पुलिस ने केवल कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि पंचायत, महिला समिति और गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक कर सामाजिक बदलाव की नींव रखी, उसी पहल का नतीजा है कि अब ग्रामीण खुद आगे आकर अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने में जुट गए हैं, गांव में मुनादी कर निगरानी की जा रही है, हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और पुलिस के साथ सीधा समन्वय बनाकर नशे के खिलाफ मोर्चा खोला गया है, ऑपरेशन “आघात” के तहत एक तरफ जहां पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है वहीं दूसरी तरफ लोगों को जागरूक कर इस मुहिम को जन आंदोलन में बदला जा रहा है, जागरूकता कार्यक्रम में थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी, “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन 9479270533 की जानकारी देकर महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया और बीट आरक्षक प्रणाली के जरिए गांव-गांव पुलिस की पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया गया, कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती हराकुंवर राठिया, उप सरपंच उद्धव प्रसाद डनसेना, डीडीसी सदस्य मुरलीधर राठिया सहित पंचायत प्रतिनिधि, महिला समिति और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी ने इस अभियान को और मजबूती दी, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में जनता की भागीदारी सबसे बड़ी ताकत है और पुलिस इस दिशा में लगातार कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी जारी रखेगी, घरघोड़ी की यह पहल अब एक उदाहरण बन चुकी है—जब पुलिस और जनता साथ आते हैं तो बदलाव सिर्फ संभव नहीं बल्कि दिखाई भी देता है।


