धमतरी 23 अप्रैल (आरएनएस) आकाशगंगा कॉलोनी में एक के बाद एक चार घरों में हुई सनसनीखेज चोरी की वारदातों का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है, 7 और 8 फरवरी 2026 की दरमियानी रात फेज-1 और फेज-2 के सूने मकानों को निशाना बनाकर आरोपियों ने ताले तोड़े, घरों में घुसे और जेवर-नगदी पार कर फरार हो गए, तुलसी राम ध्रुव के घर से सोने की अंगूठी और 25 हजार नगद, विकास कटेन्द्र के घर से चांदी के सिक्के, घड़ी और 48,200 रुपये, रूपेन्द्र कुमार साहू के घर से करीब 40 हजार के सोने के जेवर और उत्तम कुमार तिवारी के घर से 15 हजार रुपये चोरी हुए, कुल नुकसान 1,28,200 रुपये सामने आया, चारों मामलों में एक जैसी वारदात ने पुलिस को बड़े गैंग की आशंका दी, CCTV में तड़के 2:56 बजे चार संदिग्ध घर में घुसते दिखे और घटना के बाद बस से फरार हो गए, पुलिस ने टावर डंप, रूट एनालिसिस और CCTV के जरिए तकनीकी जांच शुरू की, इसी दौरान कोरबा NTPC कॉलोनी और अंबिकापुर में भी इसी तरह की चोरी सामने आई जिससे साफ हुआ कि एक ही गिरोह कई जिलों में सक्रिय है, जांच में सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य ही मोबाइल का सीमित उपयोग करता था और बाकी सदस्य इंस्टाग्राम चैट से संपर्क में रहते थे, ऑल इंडिया पुलिस नेटवर्क के जरिए फोटो मिलान के बाद आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के धार जिले के टाटा थाना क्षेत्र के सक्रिय गिरोह के रूप में हुई, इसके बाद धमतरी पुलिस की विशेष टीम मध्यप्रदेश पहुंची और 9 दिनों तक लगातार निगरानी व भेष बदलकर ऑपरेशन चलाते हुए आरोपी दिनेश बवानिया पिता इंदु सिंह बवानिया उम्र 28 वर्ष निवासी टाटा थाना क्षेत्र जिला धार (म.प्र.) को गिरफ्तार किया, पूछताछ में उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया, उसके कब्जे से चोरी में प्रयुक्त पाना, पेचकस जैसे औजार और एक सोने की अंगूठी बरामद की गई, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 331(4), 305(a) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, इस गिरोह में कुल चार सदस्य शामिल थे जिनमें से एक दिनेश बवानिया गिरफ्तार हो चुका है जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हैं जिनकी पहचान पुलिस कर चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है, पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह चोरी के बाद माल को आपस में बांटकर बेच देता था और अलग-अलग जिलों में वारदात कर पुलिस को भ्रमित करता था, यह गैंग कोरबा, अंबिकापुर और राजनांदगांव में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है, धमतरी पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध कितना भी संगठित क्यों न हो, कानून की नजर से बच नहीं सकता—अगली गिरफ्तारी अब बस वक्त की बात है।
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