कोरबा 24 अपै्रल (आरएनएस)। विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर कोरबा जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से पुस्तकों की उपयोगिता पर फोकस किया जा रहा है। किताबें न केवल ज्ञान का स्रोत हैं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। डिजिटल युग में भी पुस्तकों की उपयोगिता आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।
हर साल 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में पढने की आदत को बढ़ावा देना और पुस्तकों के महत्व को समझाना है। किताबें हमें ज्ञान के साथ-साथ सोचने, समझने और जीवन को बेहतर तरीके से जीने की प्रेरणा देती हैं। किताबें हमारे लिए सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। इससे हमें नई-नई जानकारी मिलती है और हमारी सोच भी विकसित होती है। आज के दौर में जहां मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग बढ़ रहा है, वहीं किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि किताबें हमें गहराई से सोचने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती हैं। पुस्तकें व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं। नियमित पढ़ाई से ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन भी विकसित होता है।
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