नई दिल्ली,24 अपै्रल (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 24 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के डीजीपी को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया है. यह टीम पिछले महीने गाजियाबाद में चार साल की बच्ची के साथ हुए कथित बलात्कार और हत्या के मामले की जांच करेगी.
इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पांचोली की पीठ के सामने हुई. अदालत, पीडि़त बच्ची के पिता द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने एसआईटी या सीबीआई से अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की थी.
पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि इस मामले में आरोप पत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है और सुनवाई भी शुरू हो गई है. पीठ ने संज्ञान लिया कि पीडि़त बच्ची के माता-पिता गाजियाबाद पुलिस द्वारा की गई जांच से संतुष्ट नहीं थे.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेष जांच दल का गठन शुक्रवार को या शनिवार सुबह 11 बजे तक कर दिया जाए. कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस टीम में केवल महिला पुलिस अधिकारी शामिल होनी चाहिए और इसका नेतृत्व कमिश्नर या महानिरीक्षक (आईजी) रैंक के अधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए.
पीठ ने आदेश दिया कि यह एसआईटी पीडि़त माता-पिता द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों की जांच करेगी. साथ ही, उन दो निजी अस्पतालों की भूमिका की भी जांच होगी जिन्होंने कथित तौर पर घायल बच्ची को इलाज देने से मना कर दिया था.
अदालत ने स्पष्ट किया कि एसआईटी अपनी पूरक रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर संबंधित निचली अदालत में पेश करेगी. तब तक पीठ ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह इस मामले में चल रही कार्यवाही को स्थगित रखे. इससे पहले 13 अप्रैल को, शीर्ष अदालत ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और जांच करने में गाजियाबाद पुलिस की अनिच्छा पर कड़ी आपत्ति जताई थी.
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