भोपाल,25 अपै्रल (आरएनएस)। राजधानी भोपाल में इंजीनियरिंग छात्रा के साथ धोखाधड़ी, शारीरिक शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहली बार किसी मुस्लिम संगठन ने खुलेतौर पर आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीडि़ता के समर्थन में उतरने का ऐलान किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इसे गंभीर और शर्मनाक बताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
महिला थाना में दर्ज एफआईआर के मुताबिक एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसकी मुलाकात 2023 में एक युवक से हुई, जिसने खुद का नाम “आशीष पांडे” बताया। दोस्ती के बाद आरोपी ने शादी का झांसा दिया और छात्रा के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
छात्रा का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि युवक का असली नाम आसिफ रजा है। जब उसने शादी की बात की, तो आरोपी ने इनकार कर दिया।
पीडि़ता के अनुसार जनवरी 2026 में जब उसने खुद के गर्भवती होने की जानकारी दी, तो आरोपी अपने दो साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। यहां शादी से साफ इनकार करते हुए उसे जान से मारने, एसिड अटैक और अन्य गंभीर धमकियां दीं। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया, जिसे छात्रा ने ठुकरा दिया। इसके बाद उसे लगातार धमकियां मिलती रहीं।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने रिश्ते के दौरान उससे ऑनलाइन और नकद पैसे भी लिए। साथ ही, शादी का झांसा देकर लगातार मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग की।
5 मार्च 2026 को दर्ज एफआईआर के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। पीडि़ता का कहना है कि उसे अब भी धमकियां मिल रही हैं और वह घर से बाहर निकलने में डर रही है। उसने आरोप लगाया कि शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में भी आनाकानी की और समझौते की सलाह दी। पीडि़ता कहना है कि एक युवक को गिरफ्तार किया था मगर उसे भी छोड़ दिया।
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और एक छात्रा के साथ इस तरह की घटना पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने नाम बदलकर दोस्ती की और जो कुछ किया, वह निंदनीय है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि इसे वे ‘लव जिहादÓ नहीं मानते, बल्कि कुछ लोगों की हरकत बताते हुए कहा कि पूरे समाज को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। संगठन ने पीडि़ता की कानूनी लड़ाई और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का भी ऐलान किया है।
मुस्लिम संगठन ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। संगठन ने सवाल उठाया कि जब राजधानी में ही छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावे कैसे सही माने जाएं।
पीडि़ता ने साफ कहा कि वह आरोपी से शादी नहीं करना चाहती, बल्कि उसे सख्त सजा दिलाना चाहती है। उसका कहना है कि आरोपी ने उसे धोखे में रखा, ब्लैकमेल किया और गर्भवती होने पर उसे खत्म करने तक की धमकी दी। फिलहाल वह डरी हुई है और बाहर निकलने से भी कतरा रही है।

