अनूपपुर,25 अपै्रल (आरएनएस)। जिले में छत्तीसगढ़ सीमा से घुसे पांच हाथियों के दल ने भारी तबाही मचा रखी है। ये हाथी अब चार अलग-अलग टोलियों में बंट गए हैं, जिससे वन विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भोजन की तलाश में निकले ये हाथी अनूपपुर और जैतहरी तहसील के गांवों में घरों को मलबे में बदल रहे हैं और फसलों को रौंद रहे हैं।
जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर दूर ग्राम खांड़ा में एक दंतैल हाथी पिछले 16 दिनों से जमा हुआ है। शनिवार को इस हाथी ने मोहन उर्फ ललऊ गोंड के कच्चे मकान को पूरी तरह ढहा दिया।
पीडि़त ने घर बचाने के लिए कटीली झाडिय़ां भी लगाई थीं, लेकिन हाथी ने सब तहस-नहस कर दिया। पड़ोसी बहोरी सिंह के घर पर भी हाथी ने तीन बार हमला किया और बाड़ी के पेड़ उजाड़ दिए।
जैतहरी वन परिक्षेत्र में हाथियों की अन्य टोलियां उत्पात मचा रही हैं। कुकुरगोंडा में एक हाथी ने सरईहा टोला में एक घर तोड़ दिया।
पाड़ाडोंल में एक दंतैल हाथी ने देवलाल बैगा के घर को 11वीं बार निशाना बनाया। इसके बाद उसने सीताराम राठौर की धान की फसल और अन्य किसानों के पंप समेत केले के पेड़ नष्ट कर दिए।
वन अधिकारी विवेक मिश्रा और स्वर्ण गौरव सिंह ने बताया कि प्रभावित गांवों में मुनादी (ढोल बजाकर सूचना) कराई जा रही है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे रात के समय घरों से बाहर न निकलें और हाथियों के पास जाने की गलती बिल्कुल न करें। फिलहाल दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल है और वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

