देहरादून,25 अपै्रल (आरएनएस)। गुरु नानक 5जी सेंटेनरी स्कूल में जप तप का भव्य समागम का आयोजन किया गया। समागम के प्रथम सत्र में सुखमनी साहिब का पाठ किया गया व विद्यालय के शिक्षक तथा शिक्षिकाओं ने शबद का गायन किया। कहा कि सच्ची आराधना किसी एक पूजा पद्धति में नहीं होती बल्कि अच्छे विचारों और अच्छे कर्मों से होती है। दूसरे सत्र अमृतवेला में सिमरन साधना से आशीर्वादी भूमिका निभाते हुए मनजोत सिंह ने जाप के प्रत्येक स्वर में भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक ऊर्जा का अदभुत समन्वय से सम्पूर्ण सभागार ईश्वर के नाम में लीन हो गया। मूलमंत्र जप तप का कार्यक्रम भाई गुरशरण के प्रेरणादाई सानिध्य में आयोजित हुआ। आध्यात्मिकता से ओत-प्रोत वातावरण में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। भाई गुरशरण सिंह ने प्रवचन में प्रेम, शांति और भाईचारे का अद्भुत संदेश दिया। उन्होंने बताया कि सच्ची आराधना किसी एक पूजा पद्धति में नहीं होती बल्कि अच्छे विचारों और अच्छे कर्मों से होती है। यह समागम केवल एक कार्यक्रम नहीं वरन् आत्मा को शांति देने वाला तथा जीवन को दिशा देने वाला एक आध्यात्मिक संगम है। हमें यह याद रखना चाहिए कि वास्तविक खुशी बाहर की वस्तुओं में नहीं वरन हमारे विचारों और कर्मों में होती है। भाई गुरशरण ने Óचौपई साहबÓ की बानी, जो गुरु गोविंद सिंह द्वारा रचित पांच बनियों में से एक है की महत्वता ,अखंड परमात्मा की समस्त शक्ति के सम्मुख नमन किया तथा समस्त मानव प्राणों की रक्षा की प्रार्थना की। अंत में Óचौपई साहिबÓ के पाठ की अरदास की गई। Óगुरु नानक फिफ्थ सैंटनरी स्कूल के सचिव सरदार एमपी सिंह ने तथा सरदारनी जसवीर कौर ने गुरशरण को स्मृति चिन्ह, दुशाला भेंट करके उनका सम्मान किया तथा समस्त जत्थे के प्रत्येक सदस्य को को एक स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में Óअनंद साहिबÓ का पाठ किया गया। अरदास की गई तथा हुकुम नाम लिया गया। प्रसाद भी वितरण किया गया।
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