राजनांदगांव 27 अप्रैल (आरएनएस) पुलिस महकमे को और ज्यादा जवाबदेह, पारदर्शी और कानूनसम्मत बनाने की दिशा में सोमवार 27 अप्रैल 2026 को एक बड़ा कदम उठाया गया, जब पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव बालाजी राव (भापुसे) के निर्देशन में पुलिस लाइन राजनांदगांव में रेंज स्तर का एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जहां सूचना का अधिकार (RTI) और विभागीय जांच जैसे संवेदनशील और अहम विषयों पर अधिकारियों को गहराई से प्रशिक्षित किया गया, कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता वाधवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीसी पटेल और उप पुलिस अधीक्षक नवी मोनिका पांडेय की मौजूदगी में प्रशिक्षण का संचालन हुआ, जहां सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक वेदराम भास्कर ने विभागीय जांच में होने वाली आम लेकिन गंभीर त्रुटियों को बारीकी से उजागर किया और बताया कि किन सावधानियों से इन गलतियों से बचा जा सकता है, वहीं सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक राकेश जोशी ने सूचना के अधिकार कानून की धाराओं को आसान भाषा में समझाते हुए यह स्पष्ट किया कि कौन सी जानकारी दी जा सकती है और किन परिस्थितियों में जानकारी देने से इंकार किया जा सकता है, प्रशिक्षण का सबसे अहम और संवेदनशील हिस्सा तब सामने आया जब स्वयं पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव ने पुलिस कस्टडी के दौरान मानव अधिकारों के हनन के मुद्दे पर खुलकर बात की और साफ संदेश दिया कि किसी भी स्थिति में अधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, साथ ही उन्होंने समाज में पुलिस की छवि को बेहतर बनाने के लिए व्यवहार, पारदर्शिता और जिम्मेदारी को सबसे बड़ा हथियार बताया, इस दौरान रेंज स्तर के सभी अधिकारी मौजूद रहे और पूरे सत्र में गहन चर्चा और व्यावहारिक समझ पर जोर दिया गया, यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि पुलिस सिस्टम को भीतर से मजबूत करने की एक रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, बहरहाल, साफ है कि बदलते समय में कानून की समझ और मानव अधिकारों का सम्मान ही पुलिस की असली ताकत बनने जा रहा है।


