धमतरी 27 अप्रैल (आरएनएस) नाबालिग से दुष्कर्म के एक सनसनीखेज मामले में न्याय का ऐसा सख्त फैसला आया है जिसने साफ कर दिया है कि अब ऐसे अपराधों के लिए कोई नरमी नहीं होगी, थाना सिहावा में दर्ज अपराध क्रमांक 28/2025 में आरोपी बिरेंद्र मरकाम (22 वर्ष) निवासी ग्राम संबलपुर थाना कुंदई जिला नवरंगपुर ओडिशा को माननीय न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है, यह पूरा मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दर्ज किया गया था, जहां धमतरी पुलिस ने शुरुआत से ही इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए मजबूत विवेचना की, साक्ष्य जुटाने से लेकर गवाहों के बयान तक हर कड़ी को वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया, चौकी प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी सउनि दुलाल नाथ और सिहावा पुलिस टीम ने सूक्ष्मता और पेशेवर दक्षता के साथ पूरे केस को अदालत में इस तरह पेश किया कि आरोपी के बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं बची और अंततः न्यायालय ने उसे कठोर सजा सुनाई, यह वर्ष 2026 में पॉक्सो एक्ट के तहत धमतरी पुलिस की चौथी बड़ी सफलता है, इससे पहले भी सिटी कोतवाली धमतरी के दो और बिरेझर थाना के एक मामले में आरोपियों को 20-20 साल की सजा दिलाई जा चुकी है, पुलिस अधीक्षक धमतरी लगातार ऐसे गंभीर मामलों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और विवेचकों को गुणवत्ता और प्रभावी जांच के स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं, इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए विवेचना अधिकारी को नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा भी की गई है ताकि बाकी पुलिसकर्मियों को भी प्रेरणा मिल सके, धमतरी पुलिस ने साफ कर दिया है कि महिला और बाल अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी, बहरहाल, यह फैसला सिर्फ एक सजा नहीं बल्कि समाज के लिए कड़ा संदेश है कि मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों का अंत सिर्फ जेल की सलाखों के पीछे ही होगा।
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