राजनांदगांव/डोंगरगढ़, 29 अप्रैल (आरएनएस)। ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए लागू किया गया ई-चालान सिस्टम अब अपनी विश्वसनीयता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। ताजा मामले में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर दो अलग-अलग वाहनों पर दर्ज पाए जाने से सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, रजिस्ट्रेशन नंबर CG 04 QM 9295 एक ओर दोपहिया वाहन पर दर्ज है, जबकि यही नंबर एक एसयूवी कार पर भी पाया गया। इस गड़बड़ी का खामियाजा राजनांदगांव निवासी अमित गौतम को भुगतना पड़ा, जिन्हें उनकी Mahindra XUV700 कार के लिए बिना हेलमेट वाहन चलाने का ई-चालान जारी कर दिया गया।

अमित गौतम ने बताया कि उनके मोबाइल पर आए चालान को देखकर वे चौंक गए, क्योंकि यह उल्लंघन केवल दोपहिया वाहनों से जुड़ा होता है। मामले की जांच करने पर सामने आया कि उसी नंबर की एक बाइक भी सड़कों पर चल रही है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी त्रुटि के कारण चालान गलत वाहन मालिक के नाम जारी हो गया।
यह मामला क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के डेटा प्रबंधन सिस्टम में गंभीर खामी की ओर इशारा करता है। वाहन पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड में एक ही नंबर का दो बार दर्ज होना न केवल तकनीकी लापरवाही है, बल्कि निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है। साथ ही, नंबर प्लेट पहचान (्रहृक्कक्र) तकनीक और ई-चालान जनरेशन सिस्टम की सटीकता भी संदेह के घेरे में आ गई है।
पीडि़त अमित गौतम ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना किसी गलती के उन्हें मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विभाग इस त्रुटि को स्वीकार कर सुधार नहीं करता, तो वे न्यायालय का सहारा लेने पर विचार करेंगे।
यह घटना स्पष्ट करती है कि तकनीक आधारित व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि आरटीओ को अपने डेटा सिस्टम की व्यापक जांच कर त्रुटियों को तुरंत दूर करना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को इस प्रकार की परेशानियों से बचाया जा सके।
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