बिलासपुर 30 अप्रैल (आरएनएस) “ढीली पड़ती जांच, लटकते केस और जनता की शिकायतों पर अब नहीं चलेगी ढिलाई”—इसी सख्त संदेश के साथ 29 अप्रैल 2026 को पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग ने एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक में पूरे सिस्टम को अलर्ट मोड पर ला दिया, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में रायगढ़, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और जांजगीर-चांपा समेत सभी जिलों के एसपी और वरिष्ठ अधिकारी जुड़े, बैठक शुरू होते ही सबसे बड़ा फोकस रहा लंबित मामलों का ढेर, IG ने साफ कहा कि रेंज में पड़े 2374 मर्ग प्रकरण, खासकर 2024 से पहले के, अब और लंबित नहीं रहेंगे, हर केस का तुरंत निराकरण होगा, हत्या जैसे गंभीर मामलों में डीएनए जांच और एफएसएल रिपोर्ट को प्राथमिकता पर लाने के निर्देश दिए गए ताकि जांच में देरी की गुंजाइश खत्म हो सके, इसके साथ ही 1 मई से 10 जून तक चलने वाले ‘सुशासन तिहार’ को लेकर भी साफ निर्देश दिए गए कि जनता की हर शिकायत को टॉप प्रायोरिटी पर लिया जाए और उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, आम नागरिकों को राहत देने के लिए पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए IG ने आदेश दिया कि अब पूरा सत्यापन 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन पूरा किया जाए और लोगों को बेवजह थाने बुलाने या कागजी प्रक्रिया में उलझाने की पुरानी व्यवस्था खत्म की जाए, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया, माइनिंग क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों की अनिवार्य मुसाफिरी दर्ज करने, हाईवे पेट्रोलिंग को और ज्यादा सक्रिय और प्रभावी बनाने तथा बाहरी राज्यों में जाने वाली पुलिस टीमों के लिए तय प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए, बैठक में मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी और काम में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, पूरी समीक्षा बैठक एक तरह से पुलिस सिस्टम को झकझोरने वाली साबित हुई जहां लंबित फाइलों से लेकर जनता की सुविधा तक हर मुद्दे पर सीधी और कड़ी बात रखी गई, बहरहाल, यह साफ है कि बिलासपुर रेंज में अब फाइलों की धूल नहीं बल्कि एक्शन की रफ्तार दिखेगी और अगर निर्देश जमीन पर उतरे तो आम लोगों को राहत और अपराधियों को सख्त संदेश दोनों एक साथ मिलेंगे।
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