कोरबा, 30 अप्रैल 2026 (आरएनएस) —जब पुलिस खुद गांव पहुंची तो शिकायतें नहीं, बल्कि छुपी हुई सच्चाई सामने आई, “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत करतला थाना पुलिस ने ग्राम कुदमुरा में चलित थाना लगाकर सीधे ग्रामीणों के बीच दस्तक दी और इसी दौरान नशे के नेटवर्क की अहम जानकारी निकलकर सामने आई, करीब 70 ग्रामीण, ग्राम रक्षा दल के सदस्य, कोटवार और समाज के प्रमुख लोग एक जगह जुटे और खुलकर बातचीत हुई, लोगों ने बताया कि नदी के पार स्थित ग्राम सिथरा क्षेत्र में खुलेआम शराब बिक्री हो रही है जहां से लोग नशा कर गांव लौटते हैं और माहौल बिगड़ता है, यह सूचना मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित थाना धर्मजयगढ़ को अवगत कराया और कार्रवाई का भरोसा दिलाया, कार्यक्रम में भले ही किसी ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई लेकिन जमीनी हकीकत ने पुलिस के सामने गांव की असली समस्या रख दी, इस मौके पर थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को साइबर अपराध के नए तरीकों, महिला सुरक्षा के मुद्दों, नशे के खतरनाक असर और अन्य अपराधों के प्रति विस्तार से जागरूक किया, पुलिस ने साफ कहा कि अपराध रोकने की सबसे बड़ी ताकत जनता की जागरूकता और समय पर दी गई सूचना है, यह पूरा अभियान पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चलाया जा रहा है जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में लगातार जमीनी स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, चलित थाना के जरिए पुलिस अब सीधे गांवों में पहुंचकर समस्याएं सुन रही है और मौके पर समाधान की दिशा में काम कर रही है, इस पहल ने ग्रामीणों में भरोसा भी बढ़ाया और अपराध के खिलाफ बोलने का साहस भी दिया, पुलिस ने अंत में लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके—क्योंकि अब पुलिस सिर्फ थाने तक सीमित नहीं, बल्कि हर गांव तक पहुंचकर अपराध के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है, और गौरतलब है कि जागरूक गांव ही सुरक्षित समाज की सबसे मजबूत नींव बनता है।
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