दुर्ग 1 मई (आरएनएस) अब पुलिस सिर्फ थाने तक सीमित नहीं रही बल्कि हर मोहल्ले, हर घर तक अपनी पहुंच बनाकर अपराध पर सीधा वार करने की तैयारी में है, 1 मई 2026 को थाना सुपेला के अंतर्गत स्मृतिनगर चौकी क्षेत्र की दीनदयाल कॉलोनी खम्हरिया में ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब “पुलिस जन मित्र योजना” के तहत पुलिस और आम नागरिक आमने-सामने बैठे, बातचीत हुई, डर टूटा और भरोसा मजबूत हुआ, इस खास अभियान में पुलिस ने साफ संदेश दिया कि अब सुरक्षा सिर्फ जिम्मेदारी नहीं बल्कि साझेदारी होगी, कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों को साइबर ठगी के बढ़ते खतरे, डिजिटल सुरक्षा के जरूरी उपाय, महिलाओं की सुरक्षा, नशे के खतरनाक दुष्प्रभाव और सूने मकानों पर मंडराते अपराधियों के खतरे के बारे में विस्तार से समझाया,

हर मुद्दे को आसान भाषा में समझाते हुए लोगों को बताया गया कि छोटी सी लापरवाही कैसे बड़ी वारदात में बदल सकती है और सतर्क रहकर कैसे खुद को बचाया जा सकता है, इस दौरान हेल्पलाइन नंबर 1930 (साइबर फ्रॉड), 1091 (महिला सुरक्षा), 1933 (नशा नियंत्रण) और 1033 (यातायात सहायता) को लेकर विशेष जागरूकता फैलाई गई ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तुरंत मदद ले सकें, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सूचना देने में देरी अपराधियों को मौका देती है इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करना जरूरी है, इस जन-जागरूकता अभियान में स्मृतिनगर चौकी और सुपेला थाना की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई और घर-घर संपर्क कर लोगों को जोड़ा, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इस पहल के जरिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि अपराधों की रोकथाम, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और आपात स्थिति में तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके, यह पहल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे की नई दीवार खड़ी करने की कोशिश है जिसमें हर नागरिक एक जिम्मेदार “जन मित्र” बनकर कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा, फिलहाल दुर्ग पुलिस की यह मुहिम साफ संकेत दे रही है कि अगर जनता साथ आई तो अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी और सुरक्षा सिर्फ व्यवस्था नहीं बल्कि सामूहिक ताकत बन जाएगी।


