०जल सुरक्षा को लेकर प्रशासन सजग, गंगरेल में हुआ व्यापक मॉक ड्रिल अभ्यास
०गंगरेल डैम में नाव दुर्घटना परिदृश्य का सफल अभ्यास, रेस्क्यू टीम की तत्परता प्रदर्शित
धमतरी,दिनांक 02 मई (आरएनएस)। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में आज गंगरेल डैम में संभावित जल दुर्घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु आज एक व्यापक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित बचाव कार्य तथा विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को सुदृढ़ करना था। मॉक ड्रिल के अंतर्गत एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें एक नाव/क्रूज के असंतुलित होकर पलटने की स्थिति उत्पन्न होना दर्शाया गया। इस दौरान कुछ यात्रियों के पानी में गिरने की घटना को भी प्रदर्शित किया गया। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम, पुलिस विभाग, होमगार्ड तथा अन्य संबंधित एजेंसियाँ तत्काल मौके पर पहुंचीं और सुनियोजित ढंग से बचाव कार्य प्रारंभ किया।
रेस्क्यू दल द्वारा मोटर बोट एवं आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की सहायता से पानी में गिरे व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तत्पश्चात मेडिकल टीम द्वारा मौके पर ही प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया तथा आवश्यकता अनुसार घायलों को अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। पूरी मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तत्परता और दक्षता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि गंगरेल डैम एक प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण यहां सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि नाव संचालन के दौरान प्रत्येक यात्री को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाई जाए तथा किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे आपदा की स्थिति में जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले भी जलाशय स्थित दोनों प्रमुख बोटिंग प्वाइंट्स पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। इस दौरान उपलब्ध जीवन रक्षक उपकरणों जैसे लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय, आपातकालीन किट एवं बोट की तकनीकी स्थिति की बारीकी से जांच की गई थी । ॉक ड्रिल में दोनों बोटिंग कंपनियों (सत्तू एवं असकंद) के प्रबंधक एवं उनकी टीम, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, होमगार्ड तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन से जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों को और अधिक मजबूती मिली है।
मालूम हो कि मॉक ड्रिल से एक दिन पहले 01 मई को कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार गंगरेल निरीक्षण दल ने बोट संचालकों को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए। जलाशय स्थित दोनों प्रमुख बोटिंग प्वाइंट्स पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। इस दौरान उपलब्ध जीवन रक्षक उपकरणों जैसे लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय, आपातकालीन किट एवं बोट की तकनीकी स्थिति की बारीकी से जांच की गई।
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