रायपुर,4 मई (आरएनएस)। में खाकी के दमदार काम को मिला बड़ा सम्मान जब पुलिस कमिश्नर ने 3 मई को कमिश्नरेट परिसर में एसीसीयू, यातायात और मध्य जोन के 40 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट और सराहनीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, यह सम्मान उन जांबाजों को मिला जिन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, अपराध नियंत्रण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, वारंट तामिली, एनडीपीएस कार्रवाई, वाहन चोरी बरामदगी, महिला अपराध जांच और शिकायत निराकरण जैसे अहम कार्यों में शानदार प्रदर्शन किया, कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्तSanjeev Shukla सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और कमिश्नर ने सभी को आगे भी इसी जज्बे से काम करने के लिए प्रेरित किया, सम्मानित अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची इस प्रकार है—
एसीसीयू
1. उप निरीक्षक प्रेमसागर बारिक
2. प्रधान आरक्षक 2350 कुलदीप द्विवेदी
3. प्रधान आरक्षक 1308 संतोष दुबे
4. प्रधान आरक्षक 1566 चिंतामणि साहू
5. आरक्षक 692 संदीप सिंह
6. आरक्षक 2002 वीरेंद्र बहादुर सिंह
7. आरक्षक 610 संतोष सिन्हा
8. आरक्षक 1501 अमित वर्मा
9. आरक्षक 1952 अविनाश देवांगन
10. आक्षक 2622 टेकसिंग माहले
11. आरक्षक 478 मनोज सिंह
मध्य जोन
12. निरीक्षक दीपक पासवान
13. उप निरीक्षक फ़तु ठाकुर
14. उप निरीक्षक श्रवण कुमार मिश्रा
15. उप निरीक्षक जानकी शरण मरावी
16. प्रधान आरक्षक 1841 प्रेमसागर नेताम
17. प्रधान आरक्षक 1674 दुर्गा बघेल चौधरी
18. प्रधान आरक्षक 1782 तरुण यादव
19. आरक्षक 2001 सुनील पाठक
20. आरक्षक 1574 दीपक पटेल
21. आरक्षक 1100 कमलेश सिंह राजपूत
22. आरक्षक 2600 महेंद्र वर्मा
23. आरक्षक 2073 अजीत खलखो
24. आरक्षक 661 सुमित राणा
25. आरक्षक 1196 सुरेन्द्र कुमार देवांगन
26. आरक्षक 2281 कृष्ण कुमार देवांगन
27. आरक्षक 2370 रविकांत कौशले
28. आरक्षक 286 मनीष साहू
29. आरक्षक 1545 संदीप सिंह
30. आरक्षक 454 दिलेश साहू
यातायात शाखा
31. रक्षित निरीक्षक वैभव मिश्रा
32. सहायक उप निरीक्षक उदल सिंह साहू
33. सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर बरीहा
34. प्रधान आरक्षक 1828 हिरामन साहू
35. प्रधान आरक्षक 1815 कुलेश्वर राजपूत
36. प्रधान आरक्षक 1577 श्रवण मिश्रा
37. आरक्षक 972 रूपचंद बर्मन
38. आरक्षक 651 पुन्नु लाल धुव
39. महिला आरक्षक 225 हीरापाल
40. महिला आरक्षक 648 दीपा एक्का
रायपुर पुलिस द्वारा ऐसे सम्मान कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते हैं ताकि पुलिस बल में उत्साह, प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्रदर्शन की भावना बनी रहे, गौरतलब है कि जब मेहनत को पहचान मिलती है तो कानून व्यवस्था और मजबूत होती है।
०००

