बीजापुर, 03 मई (आरएनएस)। सेक्टर कुटरू अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्र इदवाड़ा, जो नियद नेल्लानार ग्राम में चिन्हांकित है तथा इंद्रावती नदी के पार स्थित दूरस्थ क्षेत्र में आता है, वहां महतारी वंदन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन परिलक्षित हो रहा है। इस केंद्र से लाभान्वित हितग्राही कोपे अर्की (उम्र 26 वर्ष), पति श्री शेखर अर्की, योजना के सकारात्मक प्रभाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
कोपे अर्की को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह ?1000 की राशि का नियमित भुगतान प्राप्त हो रहा है, जिससे उनके गर्भावस्था काल से लेकर प्रसव उपरांत अवधि तक आवश्यक आर्थिक संबल उपलब्ध हुआ। इस वित्तीय सहयोग के फलस्वरूप उन्हें गर्भावस्था के दौरान बाह्य श्रम में संलग्न होने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे मातृ स्वास्थ्य संरक्षण सुनिश्चित हुआ।
प्राप्त राशि का समुचित उपयोग करते हुए उन्होंने अपने दैनिक आहार में पोषक तत्वों से युक्त खाद्य सामग्री को सम्मिलित किया, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार परिलक्षित हुआ। वर्तमान में वे अपनी नवजात बालिका का गृह स्तर पर समुचित देखभाल कर रही हैं तथा स्तनपान के माध्यम से िशशु के पोषण की सतत व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं।
हितग्राही द्वारा साझा किए गए अनुभवों में यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ कि योजना अंतर्गत प्राप्त वित्तीय सहायता ने उनके मातृत्व अनुभव को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सुदृढ़ बनाया है। उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए योजना को अत्यंत उपयोगी एवं जनहितकारी बताया।
उक्त संवाद के दौरान उन्हें शासन द्वारा संचालित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई, जिसमें सुकन्या समृद्धि योजना अंतर्गत बालिका के नाम से डाकघर में खाता खोलने हेतु प्रेरित किया गया। इस संबंध में उन्होंने सकारात्मक सहमति व्यक्त की।
यह सफलता गाथा स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों तक सुनिश्चित करते हुए मातृ एवं शिशु कल्याण की दिशा में ठोस एवं परिणामोन्मुखी प्रगति की जा रही है।
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