उत्तरकाशी,03 मई (आरएनएस)। नगााणगांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यमुनोत्री पृथक जनपद संघर्ष समिति की ओर से ज्ञापन सौंपा। सीएम के समक्ष यमुनोत्री जनपद के जल्द गठन की मांग उठाई गई। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने यमुनोत्री, कोटद्वार, डीडीहाट और रानीखेत सहित चार नए जनपदों की घोषणा की थी लेकिन करीब डेढ़ दशक बाद भी ये जनपद अस्तित्व में नहीं आ सके हैं। इससे यमुनाघाटी क्षेत्र के लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यमुनोत्री पृथक जनपद संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत सिंह चौहान ने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक विषमताओं और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पृथक जनपद की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसके लिए स्थानीय जनता लगातार आंदोलनरत भी रही है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि यमुनोत्री जनपद का गठन होने से रवांई घाटी के लोगों को उत्तरकाशी जिला मुख्यालय तक की लंबी दूरी से राहत मिलेगी। साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। ज्ञापन में सरकार से जल्द से जल्द जनपद गठन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में भरत सिंह चौहान, दर्मियान चौहान, राजीव जयाड़ा, रविंद्र सिंह रावत मौजूद रहे।
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