नई टिहरी,05 मई (आरएनएस)। भंडारकी-विकोल सड़क की बदहाली ने थौलधार क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ल्वाडी-गैर के बीच कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बीते छह माह से लोग वैकल्पिक कच्ची सड़क के सहारे आवागमन को मजबूर हैं, लेकिन अब तक स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। भंडारकी-विकोल सड़क कस्तल, नौगांव, बनंस्यूल और मजकोट समेत कई गांवों को जोडऩे वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। तहसील और ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए ग्रामीण इसी मार्ग पर निर्भर हैं। बावजूद इसके सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार बीते सितंबर माह में हुई भारी बारिश के दौरान ल्वाडी-गैर के बीच सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। मजकोट इंटर कॉलेज की सुरक्षा दीवार ढहने से करीब 300 मीटर सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी जबकि अन्य जगहों पर सड़क धंस गई थी। आपदा के बाद कार्यदायी संस्था ने अस्थायी राहत देते हुए दूसरी ओर से कच्ची सड़क बनाकर आवागमन शुरू तो कर दिया लेकिन इसके बाद स्थायी समाधान की दिशा में कोई काम नहीं हुआ। बनंस्यूल के पूर्व बीडीसी सदस्य भाग सिंह बयाणा, पूर्व प्रधान जयेंद्र सेमवाल ने पीएमजीएसवाई की लचर कार्य प्रणाली पर कड़ा आक्रोश जताया।
भंडारकी-विकोल सड़क पर मरम्मत कार्य के लिए 2.86 लाख रुपये का इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति न मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। – कमल किशोर, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई चंबा
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