रायपुर, 07 मई (आरएनएस)। सुबह की पहली रोशनी जैसे ही रायपुर के टैगोर चौक पर पड़ी, वहां का माहौल अचानक बदल गयाज् फूलों की खुशबू, हाथों में मालाएं और आंखों में सम्मान लिए लोग एक-एक कर उस मूर्ति के सामने पहुंचने लगे, जिसने भारत को शब्दों की ऐसी ताकत दी जिसे दुनिया आज भी सलाम करती है। गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर राजधानी रायपुर का टैगोर चौक श्रद्धा और सम्मान का सबसे बड़ा केंद्र बन गया, जहां हर चेहरे पर आदर साफ दिखाई दे रहा था। सबसे पहले रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी पहुंचे और गुरूदेव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया, फिर राजधानी की प्रथम नागरिक मीनल चौबे ने पूरे शहर की ओर से आदरांजलि अर्पित करते हुए माहौल को भावुक बना दिया। नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जैसे-जैसे लोगों की भीड़ बढ़ती गई, टैगोर चौक श्रद्धा के रंग में डूबता चला गया। निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, जोन 6 अध्यक्ष बद्री प्रसाद गुप्ता, जोन 10 अध्यक्ष सचिन बी. मेघानी, पार्षद स्वप्निल मिश्रा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश जैन, बबला होतवानी और मोना मजूमदार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, नवयुवक और आमजन वहां पहुंचे। हर तरफ सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था—टैगोर। नगर निगम जोन 6 कमिश्नर हितेन्द्र यादव की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम धीरे-धीरे श्रद्धा से भावनाओं तक पहुंच गया, जहां लोगों ने सिर्फ फूल नहीं चढ़ाए बल्कि गुरूदेव के विचारों को याद करते हुए शिक्षा, साहित्य और संस्कार की विरासत को भी नमन किया। बहरहाल, बदलते दौर में जब किताबों से दूरी बढ़ रही है, ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वे नई पीढ़ी को याद दिलाते हैं—कलम की ताकत किसी भी शोर से ज्यादा बड़ी होती है।
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