० 37 हजार से अधिक श्रमिकों को मिला काम, लक्ष्य से अधिक 100.59 प्रतिशत मानव दिवस सृजित
दुर्ग, 07 मई (आरएनएस)। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में Óग्राम रोजगार दिवसÓ का भव्य आयोजन किया गया, जिसे शासन के निर्देशानुसार चावल महोत्सव और आवास दिवस के साथ संयुक्त रूप से एक महाअभियान के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, रोजगार, आवास और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों एवं श्रमिकों तक पहुँचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण करना था।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि मनरेगा के तहत जिले में मांग आधारित रोजगार निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है और वर्तमान में जिले के 866 प्रगतिरत निर्माण कार्यों में कुल 37,146 मजदूर कार्यरत हैं, जिनमें धमधा विकासखंड में 15,872, पाटन में 11,390 तथा दुर्ग विकासखंड में 9,884 श्रमिक प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025-26 के लिए जिले को प्राप्त 18,48,633 मानव दिवस सृजन के लक्ष्य के विरुद्ध 18,59,532 मानव दिवस सृजित कर 100.59 प्रतिशत की शानदार उपलब्धि हासिल की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु भी जिले में 7,70,009 मानव दिवस सृजित किए गए हैं और स्वीकृत आवासों को 90 दिनों की समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है, साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हितग्राहियों को उनके बैंक खातों में अंतरित की गई राशि की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। जल संरक्षण की दिशा में मोर गांव-मोर पानी एवं नवा तरिया-आय के जरिया अभियान के तहत अब तक जिले में 130 अमृत सरोवर पूर्ण किए जा चुके हैं, जिनमें धमधा में 50, दुर्ग में 36 एवं पाटन में 37 सरोवर शामिल हैं, इसके अलावा 15 नए तालाब निर्माण प्रस्तावित हैं और आजीविका डबरी के 30 स्वीकृत कार्यों पर भी प्रगति जारी है। इस महाअभियान के दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को निर्माण सामग्री आपूर्ति जैसे आजीविका कार्यों से जोडऩे, प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने तथा लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को स्थल पर ही पूर्ण करने की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत पुरई, धनोरा, बिरोदा, घोटवानी, दनिया, करगाडीह और खमरिया जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार से जुड़े पाया गया, जहाँ जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने मिलकर ग्रामीणों को उनके अधिकारों और योजनाओं के लाभ के प्रति जागरूक किया। जिला प्रशासन की इस पहल को ग्रामीण विकास में पारदर्शिता और जनभागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
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