कबीरधाम, 07 (आरएनएस)। जहां कभी वनांचल क्षेत्रों में असामाजिक गतिविधियों और अपराध का डर हावी रहता था, वहां अब क्रिकेट के मैदान पर पुलिस और युवाओं के बीच भरोसे की नई साझेदारी बनती दिखाई दे रही है। कबीरधाम पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि गांव-गांव खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कर युवाओं को अपराध और नशे से दूर सकारात्मक दिशा देने की मुहिम छेड़ दी है। जिला कबीरधाम के वनांचल क्षेत्रों में पुलिस और आमजन के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से लगातार खेल गतिविधियां कराई जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में चल रही इस पहल का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। थाना रेंगाखार क्षेत्र के ग्राम बरेंडा और बावातालाब में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता ने पूरे इलाके में उत्साह का माहौल बना दिया। मैदान पर युवाओं का जोश, ग्रामीणों की भीड़ और खेल भावना का माहौल यह बता रहा था कि पुलिस अब सिर्फ कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज को जोडऩे वाली ताकत भी बन रही है। प्रतियोगिता में क्षेत्र के युवाओं, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन समिति और ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधिकारी लगातार ऐसे आयोजनों में पहुंचकर खिलाडिय़ों और युवाओं का उत्साह बढ़ा रहे हैं। प्रतियोगिता के दौरान थाना रेंगाखार प्रभारी बी.एल. बीसेन विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने खिलाडिय़ों से परिचय प्राप्त किया, खेल भावना से खेलने की अपील की और युवाओं को अनुशासन, टीम भावना तथा भाईचारे का महत्व समझाया। थाना प्रभारी बी.एल. बीसेन ने कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देते हैं और उन्हें नशे तथा असामाजिक गतिविधियों से दूर रखते हैं। उन्होंने साफ कहा कि कबीरधाम पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर बेहतर वातावरण देना भी है। सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए पुलिस और जनता के बीच भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है और इसका सीधा असर वनांचल क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने भी कबीरधाम पुलिस की इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से गांव के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल रहा है। फिलहाल, कबीरधाम पुलिस का यह मॉडल यह साबित कर रहा है कि जब पुलिस मैदान में उतरती है तो सिर्फ अपराध ही नहीं, दूरियां भी खत्म होने लगती हैं।
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