रांची 7 मई (आरएनएस)। मांडर प्रखंड परिसर में गुरुवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की ने वेजफेड के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों एवं प्राथमिक सहकारी समितियों के बीच गेहूं प्रसंस्करण मशीन और मिनी राइस मिल का वितरण किया। कार्यक्रम के तहत कुल 40 प्रसंस्करण इकाइयाँ महिलाओं और ग्रामीण समूहों को सौंपी गईं। इस दौरान प्राकृतिक आपदाओं, वज्रपात, सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य घटनाओं से प्रभावित 65 लाभुकों के बीच कुल 17 लाख 24 हजार रुपये की सहायता राशि के चेक भी वितरित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह केवल मशीनों का वितरण नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में केज के माध्यम से मत्स्य पालन, गाय, बकरी, मुर्गी एवं भेड़ पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों को अतिरिक्त आय के स्रोत मिल सकें। उन्होंने जानकारी दी कि कम पानी में होने वाली मडुवा (रागी) की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार प्रति एकड़ 3000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में किसान उठा रहे हैं।कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि कृषि आधारित प्रसंस्करण इकाइयों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने से स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की सुविधा मिलेगी। इससे उनकी आय बढ़ेगी, आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा तथा कृषि आपूर्ति श्रृंखला और अधिक मजबूत होगी। इसे विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। मौके पर वेजफेड के एमडी अभिनव मिश्रा, अंचलाधिकारी चंचला कुमारी, डीपीएम अभिषेक चांद, फिलिप सहाय एक्का, मंगा उरांव, सेरोफिना मिंज, सरिता तिग्गा, आबिद अंसारी समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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