नारायणपुर 31 मई (आरएनएस) एक जवान जिसने महज 21 साल की उम्र में देश और जनता की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, उसकी शहादत आज भी नारायणपुर की मिट्टी में साहस और समर्पण की मिसाल बनकर जीवित है। शहीद जवान पंकज सूर्यवंशी की पुण्यतिथि पर रविवार को नारायणपुर स्थित शहीद पंकज सूर्यवंशी चौक भावुक पलों का साक्षी बना, जहां पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सपूत को नमन किया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मौन रखकर शहीद के सर्वोच्च बलिदान को याद किया और उनके अदम्य साहस को सलाम किया।
पंकज सूर्यवंशी का जन्म 31 अगस्त 1992 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 2010 में विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में पुलिस सेवा की शुरुआत की और 26 अगस्त 2011 को आरक्षक पद पर नियुक्त हुए। राजनांदगांव में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2013 से जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले भी वे एसपीओ के रूप में नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। 31 मई 2014 को छोटेटोंडेबेड़ा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस टीम के सदस्य के रूप में उन्होंने असाधारण वीरता का परिचय दिया और कर्तव्य निभाते हुए वीरगति प्राप्त की।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया ने कहा कि शहीद पंकज सूर्यवंशी का बलिदान पूरे पुलिस परिवार के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। उनका साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा का जज्बा आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। बहरहाल, शहीद भले ही शरीर से दूर हो जाएं, लेकिन उनका बलिदान राष्ट्र की स्मृतियों में अमर रहता है और यही अमर गाथाएं देशभक्ति की सबसे बड़ी प्रेरणा बनती हैं।


