लखनऊ 8 मई (आरएनएस )। राजधानी के इकाना स्टेडियम में आईपीएल मैच के दौरान फर्जी टिकट बेचकर लोगों से ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, वाहन और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से असली जैसे दिखने वाले नकली टिकट तैयार कर ऊंचे दामों पर बेचते थे।पुलिस के अनुसार 07 मई 2026 को प्रदीप सिंह निवासी जालौन आईपीएल मैच देखने के लिए इकाना स्टेडियम पहुंचे थे। स्टेडियम के बाहर कुछ युवकों ने उन्हें टिकट बेचने की बात कही। प्रदीप सिंह ने दो टिकट खरीदकर निर्धारित डिजिटल भुगतान माध्यम से एक हजार रुपये का भुगतान किया। जब वह टिकट लेकर स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर पहुंचे तो जांच के दौरान टिकट नकली पाए गए। इसके बाद उन्होंने थाना सुशांत गोल्फ सिटी में शिकायत दर्ज कराई।मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकान्त बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेन्द्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है। सभी आरोपी छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जनपद के निवासी हैं।पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक तंगी और अधिक पैसा कमाने के उद्देश्य से उन्होंने फर्जी आईपीएल टिकट तैयार करने की योजना बनाई थी। गिरोह में शामिल विश्वजीत साहू डिजाइनिंग का काम करता था और उसने सोशल मीडिया मंचों से असली टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड कर डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से टिकट तैयार किए। आरोपियों ने स्वीकार किया कि टिकटों की बनावट, आकार और कागज की गुणवत्ता को असली जैसा दिखाने के लिए उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद तकनीक का भी इस्तेमाल किया।आरोपियों ने बताया कि इससे पहले वे दिल्ली स्थित अरुण जेटली स्टेडियम में भी नकली टिकट बेचने पहुंचे थे, लेकिन वहां टिकटों की गुणवत्ता खराब होने और बारकोड मेल न खाने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने टिकटों में सुधार किया और 06 मई को लखनऊ पहुंचकर होटल में रुके। अगले दिन इकाना स्टेडियम के बाहर लोगों को कम कीमत का लालच देकर फर्जी टिकट बेचे गए।पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 15 फर्जी आईपीएल टिकट, 14 अतिरिक्त नकली टिकट, लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, पेपर कटर, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, पहचान पत्र तथा घटना में प्रयुक्त कार बरामद की गई है। ऑनलाइन भुगतान मुख्य रूप से आरोपी श्रीकान्त बोरकर के बैंक खाते में लिया जाता था।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह संगठित तरीके से विभिन्न राज्यों में जाकर क्रिकेट मैचों के दौरान फर्जी टिकट बेचने का काम करता था। साइबर सेल अब आरोपियों के डिजिटल उपकरणों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।कमिश्नरेट पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खेल आयोजन या कार्यक्रम के टिकट केवल अधिकृत माध्यमों से ही खरीदें और संदिग्ध व्यक्तियों से टिकट खरीदने से बचें।
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