दुर्ग, 09 मई (आरएनएस)। दुर्ग के सुपेला इलाके में अवैध सूदखोरी का ऐसा खेल चल रहा था जहां कर्ज लेने वाले लोग ब्याज चुकाने के बाद भी डर और धमकियों के जाल से बाहर नहीं निकल पा रहे थे, लेकिन अब सुपेला पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए आरोपी महिला मुस्कान उर्फ तब्बसुम शेख को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। थाना सुपेला में फरीद नगर निवासी रशीदा बानों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी मुस्कान उर्फ तब्बसुम शेख लोगों को ऊंचे ब्याज पर रकम उधार देती थी और फिर 20 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक भारी ब्याज वसूलती थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मूल रकम वापस मिलने के बाद भी आरोपी लोगों के दस्तावेज और जरूरी कागजात अपने कब्जे में रखती थी और जब कोई उन्हें वापस मांगता तो गाली-गलौच, झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया जाता था। शिकायत में यह भी बताया गया कि प्रार्थिया के परिचित ललिता हियाल, स्वाधिका रावत समेत कई अन्य लोग भी इसी तरह की प्रताडऩा झेल रहे थे। मामला सामने आते ही थाना सुपेला पुलिस ने अपराध क्रमांक 634/2026 के तहत धारा 296, 308(2) बीएनएस और कर्जा अधिनियम की धारा 04 में केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उधारी लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और कागजात भी जब्त किए हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अवैध तरीके से ब्याज का कारोबार चलाकर लोगों के दस्तावेज बंधक बनाती थी और फिर डर का माहौल बनाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त करती थी। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय यादव, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, आरक्षक सूर्यप्रताप सिंह, प्रदीप सिंह और मिथलेश साहू की अहम भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अवैध सूदखोरी और गैरकानूनी लेन-देन से दूर रहें तथा ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल सुपेला में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जरूरतमंदों की मजबूरी को कमाई का धंधा बनाने वालों पर अब पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जाएगा।
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