नई दिल्ली ,09 मई ,। अगर आपकी सुबह की चाय का स्वाद बिना बिस्कुट के अधूरा रहता है, तो अब अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट का असर अब सीधे आपकी रसोई तक पहुंच गया है। देश की दिग्गज बिस्कुट कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के चलते अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने और पैकेट का वजन कम करने का बड़ा फैसला लिया है।
10 रुपये से ऊपर वाले बिस्कुट के लिए देने होंगे ज्यादा दाम
ब्रिटानिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ रक्षित हरगवे ने निवेशकों को जानकारी दी है कि कंपनी इस तिमाही से कीमतों में धीरे-धीरे इजाफा करने जा रही है। कंपनी की रणनीति के मुताबिक, 10 रुपये से ज्यादा कीमत वाले बिस्कुट के पैकेट अब महंगे हो जाएंगे। वहीं, आम आदमी के बजट वाले 5 और 10 रुपये के पैकेट्स की कीमतों में बदलाव नहीं होगा, लेकिन उनके अंदर मिलने वाले बिस्कुट की मात्रा (ग्रामेज) कम कर दी जाएगी। दरअसल, कंपनी का मुनाफा तो बढ़ा है, लेकिन राजस्व उम्मीद के मुताबिक न रहने से शेयर बाजार में भी कंपनी के शेयरों में 4 फीसदी की गिरावट देखी गई है।
जंग से बिस्कुट का क्या है कनेक्शन?
दुनिया के दूसरे कोने में चल रहे युद्ध ने बिस्कुट बनाने की लागत बढ़ा दी है। बिस्कुट बनाने में इस्तेमाल होने वाला पाम ऑयल (ताड़ का तेल), पैकेजिंग मटीरियल, ईंधन और मालभाड़ा (फ्रेड) अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण महंगे हो गए हैं। सप्लाई चेन बाधित होने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बढ़ गया है। हालांकि, गेहूं की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन पाम ऑयल और पैकेजिंग के बढ़ते दाम कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल रहे हैं। कंपनी ने अगले पांच महीनों के लिए पाम ऑयल के सौदे पहले ही कर लिए हैं ताकि अचानक आने वाले झटकों से बचा जा सके, लेकिन लंबे समय के लिए कीमतें बढ़ाना कंपनी की मजबूरी बन गया है।
विदेशी बाजारों में भी बढ़ेगी महंगाई
पश्चिम एशिया के हालातों का असर ब्रिटानिया के अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर भी पड़ा है। मार्च के महीने में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ह्लह्म्ड्डद्बह्ल शद्घ ॥शह्म्द्वह्व5) में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कंपनी समय पर माल विदेशों में नहीं भेज पाई। इस नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमतें बढ़ाएगी। इसके अलावा, सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को वापस भारत के मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।
ग्रामीण बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा
ब्रिटानिया की कुल बिक्री का करीब 60-65 प्रतिशत हिस्सा 5 और 10 रुपये वाले किफायती पैकेट्स से आता है। हाल के दिनों में ग्रामीण बाजारों में कंपनी को कड़ी टक्कर मिली है। कुछ प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने अपने बिस्कुट 4.50 रुपये और 9 रुपये जैसी कीमतों पर बेचना शुरू कर दिया, जिससे थोक व्यापारियों ने ज्यादा मार्जिन के चक्कर में उन ब्रांड्स को प्राथमिकता दी। इसका असर ब्रिटानिया की ग्रामीण बिक्री पर पड़ा। हालांकि, कंपनी प्रबंधन को भरोसा है कि शहरी और ई-कॉमर्स क्षेत्र में उनकी पकड़ अभी भी मजबूत है और जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिक्री फिर से रफ्तार पकड़ेगी।
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