0 सभी निकायों को एक सप्ताह में जल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
रायपुर, 09 मई (आरएनएस)। राज्य में बढ़ती गर्मी और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विभाग द्वारा जारी परिपत्र में सभी निकायों को हैंडपंप, बोरवेल और अन्य जलप्रदाय प्रणालियों की एक सप्ताह के भीतर जांच कर आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही पाइपलाइन में लीकेज, टूट-फूट तथा नालियों से होकर गुजरने वाली पाइपलाइन और हाउस सर्विस कनेक्शनों को तत्काल सुधारने और आवश्यकतानुसार स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक में गर्मी के मौसम में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत संचालनालय ने सभी निकायों को विस्तृत कार्ययोजना लागू करने कहा है। विभाग ने उन वार्डों और बस्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं जहां गर्मी के दौरान जलस्तर नीचे चला जाता है, ताकि वहां वैकल्पिक माध्यमों से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
नोडल अधिकारी करेंगे प्रतिदिन समीक्षा
परिपत्र के अनुसार नगर निगमों में आयुक्त तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा कर समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जलप्रदाय योजनाओं के रखरखाव और मरम्मत से जुड़ी शिकायतों का पंजीयन कर त्वरित कार्रवाई करने कहा गया है।
जल की गुणवत्ता पर विशेष जोर
विभाग ने हैंडपंपों और पेयजल स्रोतों को कीटाणुरहित करने के लिए ब्लीचिंग पावडर और सोडियम हाइपोक्लोराइड के उपयोग के निर्देश दिए हैं। क्लोरीन की मात्रा की नियमित जांच, ओवरहेड टैंकों में री-क्लोरीनेशन तथा जल शोधन संयंत्रों और जलागारों की सफाई एवं डिस-इन्फेक्शन सुनिश्चित करने कहा गया है।
सार्वजनिक स्थलों पर खुलेंगे प्याऊ घर
गर्मी को देखते हुए बस स्टैंड, बाजार और अन्य प्रमुख स्थानों पर प्याऊ घर शुरू करने तथा वहां पर्याप्त पानी और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों से भी सहयोग लेने की बात कही गई है।
अधूरी जल योजनाएं जल्द हों पूरी
विभाग ने 15वें वित्त आयोग और अमृत मिशन के तहत स्वीकृत जलप्रदाय योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जो योजनाएं अंतिम चरण में हैं, उन्हें अगले 15 दिनों में पूर्ण कर पेयजल आपूर्ति शुरू करने कहा गया है।
जल संरक्षण और जागरूकता अभियान पर जोर
भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए बोरवेल और नलकूपों के पास रेन वॉटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज पिट विकसित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से जल संरक्षण और जल के दुरुपयोग को रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों के सहयोग से प्रत्येक वार्ड में जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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