रायगढ़, 09 मई (आरएनएस)। रायगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर शिव मंदिर के पास पीपल पेड़ के नीचे बैठे तीन चेहरे पुलिस को सामान्य यात्री लगे, लेकिन जैसे ही बैग और ट्रॉली खुली तो पूरा इलाका सनसनी से भर गया। बैगों में कपड़े नहीं बल्कि करीब 18 किलो गांजा छिपाकर रखा गया था, जिसे ओडिशा से मध्यप्रदेश सप्लाई करने की तैयारी चल रही थी। रायगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन आघात के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा के दो पुरुष और एक महिला तस्कर को धर दबोचा और मौके से 17.726 किलोग्राम गांजा, मोबाइल फोन समेत कुल 1.79 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर ली। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे नशे के खिलाफ अभियान के दौरान थाना कोतवाली, साइबर थाना और रेल्वे पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन पार्किंग क्षेत्र में तीन संदिग्ध भारी बैगों के साथ वाहन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
आरोपियों ने अपनी पहचान सिद्धांत गोन्डा पिता महेश्वर गोन्डा उम्र 28 वर्ष निवासी डिमरीकाल थाना खजुरीपाड़ा जिला कंधमाल ओडिशा, कश्यप साहनी पिता प्रसन्न साहनी उम्र 45 वर्ष निवासी घोड़ापथरा थाना खजुरीपाड़ा जिला कंधमाल ओडिशा तथा उसकी पत्नी चंद्रिका साहनी उम्र 40 वर्ष निवासी घोड़ापथरा थाना खजुरीपाड़ा जिला कंधमाल ओडिशा के रूप में बताई। तलाशी के दौरान एक बैग से 6.382 किलो, ट्रॉली बैग से 8.084 किलो और दूसरे बैग से 3.304 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 1 लाख 76 हजार रुपये आंकी गई। आरोपियों के कब्जे से दो कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि तस्कर ओडिशा के कंधमाल जिले से गांजा खरीदकर मध्यप्रदेश के खुरई में बेचने जा रहे थे और रायगढ़ पहुंचने के बाद आगे के सफर के लिए वाहन तलाश रहे थे। पुलिस को इनके पास गांजा परिवहन से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस नहीं मिला। थाना कोतवाली रायगढ़ में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पूरी कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, आरपीएफ निरीक्षक कुलदीप कुमार, उप निरीक्षक डी.के. सिंह, ए.के. देवांगन, एएसआई कोसो जगत समेत कोतवाली, साइबर और रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ संदेश दिया है कि रायगढ़ में नशे का अवैध नेटवर्क चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और ऐसे तस्करों के लिए जिले में अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। फिलहाल पुलिस अब इस नेटवर्क के दूसरे लिंक और सप्लाई चैन की भी पड़ताल में जुट गई है, क्योंकि रायगढ़ स्टेशन से गुजरने वाला यह गांजा रूट कई बड़े खुलासों की ओर इशारा कर रहा है।
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