भिलाई, 09 मई (आरएनएस)। भिलाई में भरोसे का रिश्ता उस वक्त टूट गया जब घर में केयर टेकर का काम करने वाले युवक ने मालिक के मोबाइल फोन को ही अपना ऑनलाइन एटीएम बना लिया और गुपचुप तरीके से यूपीआई ट्रांजेक्शन कर 1 लाख 67 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। मामला सामने आते ही थाना भिलाई नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घटना तालपुरी ए-ब्लॉक भिलाई की है, जहां निवासी डॉ. पूर्णिमा राज कछवाहा ने 08 मई 2026 को थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उनके यहां केयर टेकर के रूप में काम करने वाला तिरथ चौधरी उर्फ अन्नू उनके पति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर बिना जानकारी दिए अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रहा था। जांच करने पर पता चला कि आरोपी ने यूपीआई माध्यम से कुल 1 लाख 67 हजार रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिए हैं। शिकायत मिलते ही थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 242/2026 धारा 316(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई। पूछताछ में आरोपी तिरथ चौधरी उर्फ अन्नू उम्र 20 वर्ष निवासी मनोहर मेडिकल के पीछे अस्पताल सेक्टर भिलाई ने रकम ट्रांसफर करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन और बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने मोबाइल फोन और यूपीआई सुविधा का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से रकम अपने खाते में ट्रांसफर की। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि डिजिटल सुविधा जितनी आसान है, उतनी ही लापरवाही भारी नुकसान का कारण भी बन सकती है। दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन, बैंकिंग एप, यूपीआई पिन और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें। फिलहाल भिलाई नगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुका है, लेकिन यह मामला हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है जो अपने मोबाइल और बैंकिंग सुरक्षा को हल्के में लेते हैं।
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