रायगढ़,09 मई (आरएनएस)। में रात के अंधेरे में गौवंश को बूचडख़ाने पहुंचाने निकले तस्करों की पूरी साजिश उस वक्त धराशायी हो गई जब पुलिस की घेराबंदी से बचने के दौरान उनकी स्कॉर्पियो खेत की मेड़ में फंस गई और तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग खड़े हुए, लेकिन पीछे छोड़ गए ऐसा सुराग जिसने पूरे गिरोह तक पुलिस को पहुंचा दिया। रायगढ़ पुलिस के ऑपरेशन तलाश के तहत थाना भूपदेवपुर पुलिस ने गौवंश तस्करी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला 28 और 29 अप्रैल की दरम्यानी रात का है, जब थाना भूपदेवपुर पुलिस रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान ग्राम कछार क्षेत्र में लाल रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और डायल 112 टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को देखते ही तस्कर वाहन लेकर भागने लगे, लेकिन जल्दबाजी में स्कॉर्पियो खेत की मेड़ में फंस गई। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर अंधेरे में फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर वाहन क्रमांक ह्रक्र-02 क्चरु-2698 की तलाशी ली तो अंदर दो गौवंश अमानवीय हालत में मिले। दोनों के पैर बांधे गए थे और उन्हें बिना चारा-पानी के ठूंसकर रखा गया था। पुलिस ने तत्काल गौवंश को सुरक्षित मुक्त कराया और मौके से ह्म्द्गड्डद्यद्वद्ग कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया। थाना भूपदेवपुर में पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 72/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग ने मुक्त कराए गए गौवंशों का पशु चिकित्सकीय परीक्षण कराया और उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था कराई। जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तस्करों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए स्कॉर्पियो में मोटरसाइकिल का फर्जी नंबर प्लेट लगाया था। पुलिस ने इंजन नंबर, चेसिस नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ग्राम कछार निवासी परशुराम राणा और यादराम राठिया तक पहुंच बनाई। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने हेमसागर सारथी के साथ मिलकर ओडिशा के एक व्यक्ति के संपर्क में रहते हुए गौवंश को बूचडख़ाने पहुंचाने की योजना स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों से नकदी रकम भी जब्त की है और दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी संजय नाग, पुलिस स्टाफ और डायल 112 टीम की अहम भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ संदेश दिया है कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता में शामिल लोगों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार और और ज्यादा सख्त होती जाएगी।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

