नईदिल्ली, 10 मई। इंडियन प्रीमियर लीग के बीच नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (एनएडीए) ने दो भारतीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा को नोटिस जारी किया है. उनके खिलाफ आरोप है कि ये दोनों ही खिलाड़ी पिछले साल निर्धारित डोप परीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं थे.
दोनों खिलाड़ी फिलहाल एनएडीए के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल का हिस्सा हैं. इन पर नियमित टेस्टिंग लागू होती है और इन्हें अपने ठिकाने की जानकारी देनी होती है, ताकि बिना किसी पूर्व सूचना के होने वाली टेस्टिंग के लिए इन्हें ढूंढा जा सके.
रिपोर्ट के अनुसार, डोप कंट्रोल ऑफिसर पिछले साल 17 दिसंबर को यशस्वी जायसवाल का टेस्ट करने पहुंचे थे, और पिछले साल 7 नवंबर को शेफाली वर्मा का टेस्ट करने पहुंचे थे. लेकिन, दोनों ही अपने बताए गए पते पर नहीं मिले.
इसके बाद एनएडीए ने इस साल 18 और 20 फरवरी को दोनों क्रिकेटरों से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन किसी ने भी कोई जवाब नहीं दिया. इसके परिणामस्वरूप, एनएडीए ने आधिकारिक तौर पर दोनों खिलाडिय़ों के लिए पहला मिस्ड टेस्ट दर्ज कर लिया है, इसी वजह से जायसवाल और शेफाली को वेयर अबाउट्स फेलियर (अपने ठिकाने की जानकारी न देने) के लिए नोटिस जारी किया गया.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि दोनों क्रिकेटरों को स्पष्टीकरण देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है. दोनों खिलाडिय़ों के मिस्ड टेस्ट से जुड़ी जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईसीसी के साथ भी साझा की गई है. यशस्वी फिलहाल आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रही हैं, जबकि शेफाली उस भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं जिसने हाल ही में सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था.
अब, दोनों क्रिकेटरों को बेहद सावधान रहना होगा. एनएडीए के एंटी-डोपिंग नियमों (अनुच्छेद 2.4) के तहत, 12 महीने की अवधि के भीतर तीन बार वेयर अबाउट्स फेलियर (जानकारी न देना और/या टेस्ट छूट जाना) होना एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है. इसके परिणामस्वरूप, उन पर 4 साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
बता दें कि एनएडीए के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में शामिल एथलीटों को हर तीन महीने में अपने ठिकाने की जानकारी देनी होती है. इसमें घर का पता, ईमेल एड्रेस और फोन नंबर; रात में रुकने की जगह का पता; मुकाबले का शेड्यूल और जगह (कब और कहां होंगे); और हर दिन के लिए 60 मिनट का एक ऐसा समय बताना होता है, जब वे टेस्टिंग के लिए उपलब्ध और मौजूद रहेंगे. इस समय के दौरान उपलब्ध न होने पर उन्हें मिस्ड टेस्ट (टेस्ट छूटने) का दोषी माना जा सकता है.
अभी नाडा की आरटीपी सूची में 348 खिलाड़ी शामिल हैं जिनमें 13 क्रिकेटर हैं. भारत के टी20 टीम के धाकड़ बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ऑलराउंडर अक्षर पटेल को हाल में ही इस सूची में शामिल किया गया था. भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा भी इस सूची में शामिल हैं. पिछले साल वनडे विश्व कप जीतने वाली महिला टीम से ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा, शेफाली और रेणुका सिंह ठाकुर को इस सूची में रखा गया है.
रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई के एक सूत्र ने इस नोटिस की पुष्टि की है. सूत्र ने कहा, ‘हमें नाडा से छूटे हुए परीक्षणों के बारे में सूचना मिली है, हम पता लगाएंगे कि ऐसा कैसे हुआ. भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए हम जरूरी उपाय करेंगे.Ó
बीसीसीआई के सूत्र ने आगे कहा, ‘क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी हो गई है और हमें सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा ताकि सब कुछ सुचारू रूप से आगे बढ़े. बता दें कि क्रिकेट को 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया है.
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