शुभेंदु सरकार के 10 फैसले से हो सकता राज्य का समग्र विकास
जगदीश यादव
कोलकाता 11 मई (आरएनएस)। आज राज्य सचिवालय नवान्न में आयोजित पश्चिम बंगाल सरकार की प्रथम कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में सुशासन, सुरक्षा, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा संवैधानिक प्रशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की।
बहरहाल बंगाल में डबल इंजन सरकार ने तेज गति से अपना काम शुरु कर दिया है। फिलहाल बंगाल की डबल इंजन सरकार के 10 ऐसे अहम फैसले जो इस राज्य को समग्र विकास के पथ पर जाएगा। आज लिए गए फैसलों में बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों पर रोक लगाना शुरू से ही भाजपा का एजेंडा रहा है। ऐसे में शुभेंदु सरकार पहला काम इसी मुद्दे पर करेगी। इसके लिए भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी मजबूत की जाएगी। घुसपैठियों को पहचान कर वापस भेजा जाएगा। बांग्लादेशी घुसपैठियों को शह देने वाले वालों पर सख्ती की जाएगी।
ममता बनर्जी के शासन में हुए भ्रष्टाचार, कट मनी, सिंडिकेट राज आदि को उजागर करने के लिए व्हाइट पेपर जारी किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेस के तहत भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए जाएंगे। साथ ही कट मनी संस्कृति को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
राजनीतिक हिंसा को पूरी तरह समाप्त करना और पुलिस प्रशासन को दलीय राजनीति से मुक्त कर भयमुक्त व निष्पक्ष बनाना। राजनीतिक प्रतिशोध में मामलों पर रोक लगाना ताकि पुलिस प्रशासन पर आम जनता का विश्वास लौट सके। संदेशखाली और आरजीकर सरीखा कांड भविष्य में न हो इसके लिए महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना। लखी भंडार की जगह अन्नपूर्णा भंडार लागू करना। इस योजना के तहत हर महीने 1 से 5 तारीख के मध्य 3 हजार रुपये ट्रांसफर करेगी। साथ ही महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 33त्न आरक्षण भी दिया जाएगा।
बेरोजगार युवाओं को 3 हजार रुपये का बेरोजगारी भत्ता देना। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को 15 हजार रुपये का फंड मिलेगा। वहीं भर्ती घोटालों से प्रभावित युवाओं को आयु सीमा में 5 साल की छूट दी जाएगी। युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और एक करोड़ नौकरियां देने के लक्ष्य पर भी काम होगा।
औद्योगिकरण और रोजगार के लिए राज्य में बंद पड़े कल कारखानों को चालू कराना, नई इंडस्ट्री लाना और रोजगार के रास्ते खोलना प्राथमिकता होगी। सरकारी नौकरियों में रिक्त पदों को तेजी से भरना और पारदर्शिता लाना।
स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण और सरकारी अस्पतालों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और चिकित्सा सुविधाओं को दुरुस्त करना। राज्य सरकार के स्वास्थ्य साथी कार्ड पर विचार और आयुष्मान भारत कार्ड पर निर्णय लेना।इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के तहत ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़कें बनाना और मुख्य सड़कों से जोडऩा। पुरुलिया, माल्दा, बालुरघाट जैसे हवाई अड्डों का परिचालन जितना जल्द हो सके सुनिश्चित करना। उत्तर बंगाल के विकास में रफ्तार लाना। खासकर, दार्जिलिंग हिल्स में गोरखा समुदाय की मांगों का स्थायी समाधान करना और उत्तर बंगाल में चार नए शहर विकसित करना। डबल इंजिन सरकार आने के बाद किसानों को केंद्र का समर्थन दिलाना। कृषक बंधु योजना के अलावा पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी केंद्रीय योजनाओं को पूर्ण रूप से लागू करना। जूट उद्योग को विशेष प्राथमिकता देना। राज्य के सरकारी कर्मचारियों को लंबित 7वें वेतन आयोग का पूरा लाभ और भयमुक्त कामकाजी माहौल देना। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कहा था कि सत्ता संभालते ही 45 दिनों के अंदर राज्य में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। इसके तहत कर्मचारियों पेंशन भोगियों की तनख्वाह बढ़ाई जाएगी और उन्हें महंगाई भत्ते के बकाया का भुगतान किया जाएगा। सनद रहे कि, नए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में सुशासन, सुरक्षा, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा संवैधानिक प्रशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की है। माना जा रहा है कि, यह बंगाल के समग्र विकास के लिए मिल का पत्थर साबित हो सकता है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

